चकाई विधायक सावित्री देवी ने दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से आयोजित महिला जनप्रतिनिधियों के क्षमता विकास कार्यक्रम में भाग लिया. कार्यक्रम में महिला जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व कौशल, महिलाओं के सशक्तीकरण, समान अधिकार और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी को लेकर विचार-विमर्श किया गया.
‘वह बदलाव लाने वाली महिला’ पहल का बनीं हिस्सा
कार्यक्रम में शामिल होने के बाद विधायक सावित्री देवी ने कहा कि ‘वह बदलाव लाने वाली महिला’ पहल का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल अपने अधिकारों की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें नेतृत्व करने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने में सक्षम बनाना भी जरूरी है.
जनहित के मुद्दे उठाने की मिली सीख
विधायक ने कहा कि दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम उनके लिए काफी प्रेरणादायक रहा. कार्यक्रम के दौरान महिला जनप्रतिनिधियों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने, जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और अपनी नेतृत्व क्षमता को और मजबूत करने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई.
महिलाओं की मजबूत भागीदारी से सशक्त होगा लोकतंत्र
सावित्री देवी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी जितनी मजबूत होगी, लोकतंत्र और समाज उतना ही सशक्त होगा. महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिलने से परिवार से लेकर समाज तक व्यापक बदलाव संभव है. उन्होंने कहा कि जागरूकता ही सशक्तीकरण की पहली सीढ़ी है.
निर्णय प्रक्रिया में बराबर भागीदारी जरूरी
विधायक ने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने और निर्णय प्रक्रिया में उन्हें बराबर की भागीदारी दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं. महिलाओं की आवाज को मजबूत करने के साथ उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे लाना समय की जरूरत है.
कार्यक्रम ने संकल्प को और मजबूत किया
सावित्री देवी ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान मिले अनुभव और जानकारी उनके लिए बेहद उपयोगी रहे. उन्होंने इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के अपने संकल्प को और मजबूत करने वाला अनुभव बताया. उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समान अवसर के लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए.
