जमुई.
चिकित्सक के साथ मारपीट और क्लिनिक में तोड़-फोड़ मामले में अब तक पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर आइएमए के सदस्यों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. शुक्रवार को आइएमए के आह्वान पर जिले के सभी चिकित्सक एक दिवसीय हड़ताल पर चले गये. इस दौरान आइएमए के जिलाध्यक्ष डॉ राजेश कुमार के नेतृत्व में चिकित्सकों ने सदर अस्पताल की महिला ओपीडी, पुरुष ओपीडी, पंजीकरण काउंटर सहित सभी ओपीडी सेवा को बंद करवा दिया. साथ ही शहर के सभी निजी क्लिनिकों में भी चिकित्सकों द्वारा मरीज का इलाज नहीं किया गया. हालांकि इस दौरान सदर अस्पताल के इमरजेंसी सेवा चालू रखी गयी. ज्ञात हो कि बीते 29 मई को सदर अस्पताल के समीप स्थित हरिओम सेवा सदन में एक महिला की मौत के बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने डॉ मनीष कुमार के साथ मारपीट की थी. क्लिनिक में जमकर तोड़फोड़ किया था. जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गये थे. घटना को लेकर पीड़ित चिकित्सक डॉ मनीष कुमार द्वारा सदर थाने में आवेदन दिया गया था, जिसमें तीन लोगों को नामजद सहित दस लोगों पर मामला दर्ज करवाया गया था. लेकिन घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. इसके विरोध में डॉक्टर एक दिवसीय हड़ताल पर चले गये हैं. जिलाध्यक्ष ने बताया कि यदि पुलिस द्वारा आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया जाता है, तो आगे भी हम लोगों का आंदोलन चलता रहेगा. आईएमए के सभी सदस्यों ने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक डॉ शौर्य सुमन को दी गयी थी. इसके बावजूद अबतक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होना पुलिस प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है. आइएमए के सभी सदस्यों ने जल्द से जल्द आरोपितों पर कार्रवाई करने की मांग की है.मरीजों को हुई परेशानी
डॉक्टर की हड़ताल के कारण सदर अस्पताल के ओपीडी में इलाज के लिए आये मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सदर थाना क्षेत्र के हांसडीह से इलाज के लिए महिला ओपीडी पहुंची सोना देवी, भछियार मुहल्ला निवासी रामा देवी, लठाने गांव निवासी पविया देवी, सुमित्रा देवी सहित अन्य मरीजों ने बताया कि हम लोग सुबह आठ बजे से ही लाइन में लगे हैं. लेकिन दस बजे तक ओपीडी का ताला नहीं खुला. जब जीविका दीदी से पूछा तो उन्होंने बताया कि आज सभी चिकित्सक हड़ताल पर हैं. वहीं पुरुष ओपीडी में इलाज के लिए आये महिसौड़ी मुहल्ला निवासी सौदागर रावत, मो हासिम, सिरचंद नवादा मुहल्ला निवासी मोहन मांझी, रामसागर गांव के दीपक कुमार सहित अन्य लोग भी डॉक्टर के हड़ताल के कारण बिना इलाज कराये घर लौटने को मजबूर हुए.आइएमए के सदस्यों ने की बैठक
बीते गुरुवार की देर शाम सदर अस्पताल परिसर स्थित आइएमए के कार्यालय परिसर में आइएमए के सदस्यों की बैठक जिलाध्यक्ष डॉ राजेश कुमार की अध्यक्षता में की गयी. इसमें चिकित्सक के साथ मारपीट मामले की घटना में पुलिस द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं करने पर विचार-विमर्श किया गया. साथ ही बैठक में एकदिवसीय आंदोलन का भी निर्णय लिया गया था. चिकित्सकों ने एक स्वर में कहा कि डॉक्टर हमेशा मरीज की जान बचाना चाहता है. उसे मारना नहीं चाहता है. इसके बाद भी यदि इस तरह की घटना होती है, तो हम लोग कैसे लोगों का इलाज कर पायेंगे. मौके पर डॉ अंजनी कुमार सिन्हा, डॉ ललित कुमार सिंह, डॉ ओम भगत, डॉ विशाल आनंद, डॉ खुशबू कुमारी, डॉ स्निग्धा, डॉ अमित रंजन, डॉ राजीव रंजन, डॉ नीलेश कुमार सहित आईएमए के अन्य सदस्य मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
