चंद्रमंडीह. चकाई प्रखंड अंतर्गत चकाई–गिरिडीह मुख्य मार्ग स्थित परमार्थ उत्सव भवन में शुक्रवार को दिशा बिहार एवं बालिका ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक की गयी. बैठक में सामाजिक, राजनीतिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोगों सहित कई गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया. बैठक का मुख्य उद्देश्य माइका क्षेत्र में बाल श्रम की समस्या पर प्रभावी रोक लगाने तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने को लेकर रणनीति तैयार करना था. वहीं बैठक को संबोधित करते हुए मंडल भाजपा अध्यक्ष सह बीस सूत्र उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार गुप्ता ने कहा कि माइका खनन क्षेत्रों में आज भी कई बच्चे पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करने को मजबूर हैं. जो न केवल उनके भविष्य के लिए घातक है बल्कि समाज के समग्र विकास में भी बाधक है. आर्थिक तंगी, जागरूकता की कमी एवं शिक्षा के प्रति उदासीनता के कारण अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजने के बजाय कार्य में लगा देते हैं. उन्होंने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता अत्यंत आवश्यक है. दिशा बिहार इस क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है. वहीं शिक्षक कासिम अंसारी ने कहा कि दिशा बिहार द्वारा बीते कई वर्षों से क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. अभिभावकों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने के कारण विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है. बैठक में उपस्थित लोगों ने विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति एवं बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी बल दिया गया. बैठक में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि माइका क्षेत्र को बाल श्रम मुक्त बनाने एवं हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास आगे भी जारी रखा जायेगा. मौके पर दिशा बिहार के प्रोग्राम मैनेजर रंजन कुमार, बालिका ट्रस्ट से जुड़ी सुप्रिया कुमारी, पूजा कुमारी, प्रवीण राम, अशोक राम, नौरंगी दास, श्याम सुंदर दास, रंजन कुमार सुमन, अवनी मुर्मू, जस्मिता मुर्मू, सिकंदर चौधरी, सोलेन हांसदा सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे.
बाल श्रम रोकने व बच्चों को स्कूल से जोड़ने को लेकर चर्चा
चकाई प्रखंड अंतर्गत चकाई–गिरिडीह मुख्य मार्ग स्थित परमार्थ उत्सव भवन में शुक्रवार को दिशा बिहार एवं बालिका ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक की गयी.
