बालू घाट से सिंचाई पईन पर संकट, आंदोलन करने को बाध्य होंगे किसान
थाना क्षेत्र के मौरा बालू घाट से निकलने वाली आधा दर्जन से अधिक सिंचाई पईन के संरक्षण को लेकर शनिवार को दर्जनों किसानों ने खनन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया.
खेतीहर जमीन को बंजर बनने से बचाने की मांग, खनन विभाग के खिलाफ प्रदर्शनगिद्धौर. थाना क्षेत्र के मौरा बालू घाट से निकलने वाली आधा दर्जन से अधिक सिंचाई पईन के संरक्षण को लेकर शनिवार को दर्जनों किसानों ने खनन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में मौरा, धोबघट, निजआरा सहित आसपास के गांवों के किसान शामिल हुए. किसान अशोक सिंह, गिरिश झा, चम्पा देवी, अजय सिंह, अनिल कुमार, देवेंद्र यादव, मुशन सिंह, निर्मला देवी, आरती देवी, सच्चिदानंद मंडल, गोपाल झा, अवधेश सिंह सहित अन्य लोगों ने कहा कि खेतीहर जमीन को बंजर होने से बचाने के लिए हमलोग आंदोलन करने को विवश हैं. किसानों ने कहा कि बालू मफिया के कार्यशैली के विरोध में हमलोगों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को डाक के माध्यम से आवेदन भेजा था. इसके बाद अधिकारियों की टीम के द्वारा मौरा बालू घाट पर पहुंचकर सिंचाई पईन का निरीक्षण भी किया गया. इस संबंध में डीएम को भी ज्ञापन सौंपा गया था, जिस पर कार्रवाई का आश्वासन भी मिला था, लेकिन करीब एक माह बीत जाने के बावजूद भी आवश्यक कार्रवाई नहीं की गयी है.
कहते हैं जिला खनन पदाधिकारी
इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी केशव कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन के कार्यादेश पर विभागीय मापदंडों के अनुरूप उत्खनन शुरू कराया गया है. किसानों की समस्या के समाधान के लिए लिफ्ट इरीगेशन जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
