जमुई से राहुल सिंह की रिपोर्ट : जमुई जिले के चकाई प्रखंड स्थित प्रसिद्ध सरौन काली मंदिर परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने के लिए पंचायत के स्वच्छता कर्मियों ने सराहनीय पहल शुरू की है. स्वच्छता कर्मियों ने सामूहिक बैठक कर निर्णय लिया है कि आगामी वार्षिक पूजा तक प्रत्येक सप्ताह एक निर्धारित दिन मंदिर परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य सिर्फ मंदिर की साफ-सफाई नहीं, बल्कि लोगों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाना भी है.
हर सप्ताह चलेगा सामूहिक सफाई अभियान
सरौन पंचायत के स्वच्छता पर्यवेक्षक काजल कुमार चौधरी ने बताया कि पंचायत में कार्यरत सभी स्वच्छता कर्मियों ने मिलकर मंदिर परिसर की नियमित सफाई का जिम्मा लिया है. तय किया गया है कि सप्ताह में एक दिन सभी कर्मी सामूहिक रूप से मंदिर परिसर की सफाई करेंगे, जबकि बाकी दिनों में संबंधित वार्ड के स्वच्छता कर्मी सफाई व्यवस्था बनाए रखेंगे.
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर पहल
सरौन का काली मंदिर बिहार के साथ-साथ झारखंड और पश्चिम बंगाल के श्रद्धालुओं की भी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. वहीं वैशाख माह में आयोजित वार्षिक पूजा और मेले के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. ऐसे में मंदिर परिसर की स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है.सफाई के साथ लोगों को दिया जा रहा संदेश
स्वच्छता कर्मियों ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है. उनका मानना है कि धार्मिक स्थलों की सफाई केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है. अभियान के दौरान मंदिर परिसर में विशेष साफ-सफाई की गई और लोगों से भी आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई.
