बालू लदे ट्रैक्टर की जांच के दौरान पुलिस व ग्रामीणों में झड़प, दारोगा समेत चार घायल

थाना क्षेत्र के तरौना गांव में शुक्रवार की आधी रात उस समय हड़कंप मच गया, जब बालू लदे ट्रैक्टर की जांच को पहुंची पुलिस व ग्रामीणों के बीच विवाद व हिंसक झड़प हो गयी

बरहट.

थाना क्षेत्र के तरौना गांव में शुक्रवार की आधी रात उस समय हड़कंप मच गया, जब बालू लदे ट्रैक्टर की जांच को पहुंची पुलिस व ग्रामीणों के बीच विवाद व हिंसक झड़प हो गयी. घटना के बाद गांव में देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. झड़प में एक एसआइ व तीन होमगार्ड जवान घायल हो गये. दूसरे पक्ष की एक महिला भी जख्मी हो गयी. एसआइ गोविंद कुमार दास का हाथ टूट गया है. होमगार्ड चंद्रशेखर व पप्पू दास के सिर में गंभीर चोट लगी है. सुदामा कुमार भी घायल है. सभी घायलों का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहट में चल रहा है. वहीं घायल महिला प्रेमी देवी ने अपना इलाज सदर अस्पताल जमुई में कराया. हमले में पुलिस की गश्ती वाहन भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है. घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तरौना गांव निवासी बालेश्वर यादव उर्फ प्रताप ठाकुर यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

ट्रैक्टर के कागजात मांगने पर भड़का विवाद

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरहट थाना की रात्रि गश्ती टीम ने मलयपुर की ओर से आ रहे बालू लदे ट्रैक्टर बीआर 27 जी 5395 को जांच के लिए रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ट्रैक्टर लेकर तेज गति से भागने लगा. इसके बाद पुलिस ने वाहन का पीछा किया. इस दौरान चालक ट्रैक्टर लेकर तरौना गांव पहुंच गया. पुलिस जब वहां पहुंची और ट्रैक्टर के कागजात मांगने लगी, तो चालक शिवकुमार यादव व उसके साथ मौजूद तीन मजदूर उग्र हो गये. मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी जुट गये. इसके बाद पुलिस व ग्रामीणों के बीच मारपीट शुरू हो गयी. घायल पुलिसकर्मी किसी तरह थाने पहुंचे और मामले की सूचना वरीय अधिकारियों को दी. इसके बाद देर रात बरहट, मलयपुर और लक्ष्मीपुर थाने की पुलिस तरौना गांव पहुंची और बालू लदे ट्रैक्टर को जब्त कर थाने ले आयी.

ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया मारपीट करने का आरोप

मामले में ट्रैक्टर चालक शिवकुमार यादव की पत्नी कविता कुमारी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उनका कहना है कि घर में प्लास्टर का काम चल रहा था. इसके लिए उनके पति दो-तीन दिन से बालू ला रहे थे. बालू का चालान भी मौजूद है. बालू लाने के दौरान रास्ते में पुलिस ने उनके पति से खर्चा मांगा. जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो पुलिस ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. किसी तरह जान बचाकर वे घर पहुंचे, लेकिन पुलिस उनका पीछा करते हुए रात करीब 12 बजे गांव पहुंच गयी. पीड़िता के मुताबिक पुलिस ने घर में घुसकर तोड़फोड़ करने के साथ महिलाओं के साथ मारपीट की और गुस्से में उनकी सिलाई मशीन तथा बाइक भी तोड़ दी. उनका यह भी कहना है कि पुलिस रात लगभग 12 बजे से सुबह तीन बजे तक घर के आसपास ही डटी रही. कुछ ग्रामीणों ने पुलिस पर फायरिंग करने का भी आरोप लगाया और कहा कि इससे गांव में दहशत का माहौल है.

कहती हैं प्रभारी थानाध्यक्ष

बरहट की प्रभारी थानाध्यक्ष उर्मिला कुमारी ने बताया कि बालू चालान की जांच के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया. इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. बालू लदे ट्रैक्टर को भी जब्त कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर की जांच अभी नहीं हुई है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ट्रैक्टर किसका है. वहीं पुलिस के फायरिंग के आरोप को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया.

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