Barhat school waterlogging: बरहट. “डीएम सर, एक बार हमारे स्कूल आइए... आपको खुद पता चल जाएगा कि हम किस परेशानी से होकर स्कूल आते हैं.” यह किसी बड़े अधिकारी से शिकायत करने की औपचारिक भाषा नहीं, बल्कि उन मासूम बच्चों की पुकार है, जो रोज अपने स्कूल पहुंचने के लिए गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं.
मुमर पंचायत के वार्ड नंबर 2 स्थित प्राथमिक विद्यालय कैवाल के मुख्य गेट पर करीब एक साल से नाले का गंदा पानी जमा है. काई और कीचड़ के कारण पानी हरा पड़ चुका है. इसमें मच्छर और दूसरे कीड़े पनप रहे हैं. तेज दुर्गंध के कारण विद्यालय के आसपास से गुजरना भी मुश्किल है. बच्चों को इसी पानी को पार कर स्कूल पहुंचना पड़ता है. रास्ते में ईंटें रखी गयी हैं, जिनके सहारे बच्चे किसी तरह गेट तक पहुंचते हैं.
पैर फिसला तो गंदे पानी में गिर जाते हैं बच्चे
विद्यालय में पढ़ने वाले वीर कुमार, अराध्या, मनीषा, अनीषा सहित अन्य बच्चों का कहना है कि वे पढ़ना चाहते हैं, लेकिन स्कूल तक पहुंचने का रास्ता ही उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गया है. कई बार पैर फिसलने से बच्चे गंदे पानी में गिर जाते हैं. इससे कपड़े खराब होने के साथ चोट लगने की स्थिति भी बन जाती है.
बच्चों का कहना है कि अगर जिलाधिकारी खुद विद्यालय आकर स्थिति देखेंगे, तो शायद उनकी परेशानी दूर हो सकेगी. जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यालयों की कमियों को दूर करने के लिए निरीक्षण पर जोर दिये जाने के बीच कैवाल विद्यालय के बच्चों को भी अब प्रशासन से समाधान की उम्मीद है.
150 बच्चे नामांकित, गंदगी से उपस्थिति पर असर
प्राथमिक विद्यालय कैवाल में कक्षा एक से पांच तक करीब 150 बच्चे नामांकित हैं. ग्रामीणों के अनुसार पहले रोजाना 100 से 120 बच्चे विद्यालय पहुंचते थे. लेकिन स्कूल के मुख्य गेट पर लंबे समय से जमा गंदे पानी और दुर्गंध के कारण बच्चों की उपस्थिति प्रभावित होने लगी है.
अभिभावक भी छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं. उनका कहना है कि विद्यालय परिसर में ही बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार होता है और वे भोजन भी करते हैं. ऐसे में विद्यालय के प्रवेश मार्ग के आसपास जमा गंदे पानी, मच्छरों और गंदगी के कारण संक्रमण का खतरा बना हुआ है.
बीडीओ और मुख्यमंत्री पोर्टल तक शिकायत, फिर भी समाधान नहीं
ग्रामीण टुनटुन दास, भोला दास, रामचंद्र रविदास, कमलेश कुमार, मनीष भारती और रणधीर यादव ने बताया कि जलजमाव की समस्या को लेकर बीडीओ सहित संबंधित पदाधिकारियों से शिकायत की गयी है. मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करायी गयी. पंचायत सचिव और बीडीओ द्वारा स्थल निरीक्षण किये जाने की बात भी ग्रामीणों ने कही, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका.
अब ग्रामीणों और बच्चों की नजर जिलाधिकारी के हस्तक्षेप पर है. उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान कर विद्यालय के रास्ते को सुरक्षित बनाएगा.
प्रधानाध्यापक बोले, उपस्थिति प्रभावित हुई
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक नवीन कुमार मंडल ने बताया कि जलजमाव की समस्या से बीईओ को अवगत कराया गया है. ग्रामीणों की ओर से भी संबंधित पदाधिकारियों को आवेदन दिया गया था. इसके बावजूद समस्या बनी हुई है. उन्होंने कहा कि पानी जमा रहने के कारण बच्चों की उपस्थिति प्रभावित हुई है और संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है.
Barhat school waterlogging: डीएम ने कहा, जांच कर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि जलजमाव की समस्या के निराकरण के लिए प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश पहले ही दिये जा चुके हैं. इसके बावजूद यदि समस्या बनी हुई है, तो मामले की जांच करायी जाएगी. लापरवाही सामने आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी.
अब देखने वाली बात यह है कि डीएम के निर्देश के बाद कैवाल प्राथमिक विद्यालय के मुख्य गेट पर करीब एक साल से जमा गंदे पानी की समस्या कितनी जल्दी दूर होती है. फिलहाल बच्चों की पुकार यही है कि प्रशासन स्कूल तक पहुंचे और उन्हें सुरक्षित रास्ता मिले.
