बरहट (जमुई). सरकारी योजनाओं और संस्थानों की व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए गुरुवार को बरहट प्रखंड में प्रशासनिक टीम ने अचानक औचक निरीक्षण किया. जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश पर गठित टीम ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रखंड के विभिन्न सरकारी संस्थानों का जायजा लिया. अधिकारियों की अचानक दस्तक से पूरे दिन संबंधित संस्थानों में हड़कंप की स्थिति बनी रही.
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों से सीधे लिया फीडबैक
डीआरडीए निदेशक राकेश कुमार सिंह और सीबीएनआईसी राकेश कुमार की संयुक्त टीम सबसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहट पहुंची. अधिकारियों ने महज कागजी रिपोर्ट पर भरोसा करने के बजाय मरीजों और चिकित्सकों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया.
ओपीडी से दवा काउंटर और वार्ड तक हुई जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ओपीडी, दवा काउंटर, वार्ड और जांच घर समेत अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा. मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पताल की कार्यप्रणाली की भी पड़ताल की गयी.
अधिकारियों ने मरीजों से सीधे बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि इलाज, दवा और जांच की सुविधा वास्तव में उपलब्ध है या नहीं. चिकित्सकों से भी अस्पताल की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को लेकर जानकारी ली गयी.
स्कूलों में भवन और पठन-पाठन की व्यवस्था देखी
स्वास्थ्य केंद्र के बाद प्रशासनिक टीम प्लस टू राजकीय उच्च विद्यालय लथलथ और सरस्वती विद्या निकेतन पहुंची. यहां विद्यालय भवन, मूलभूत सुविधाओं और पठन-पाठन की व्यवस्था की जांच की गयी. अधिकारियों ने शिक्षकों से बातचीत कर बच्चों की शिक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी ली.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर दिए आवश्यक निर्देश
विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली. साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए. प्रशासन की टीम ने विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों और उनके उपयोग की स्थिति का भी जायजा लिया.
बीडीओ ने भी कई संस्थानों का किया निरीक्षण
इधर, प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिल मिस्त्री ने भी आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय समेत अन्य सरकारी संस्थानों का औचक निरीक्षण किया. अलग-अलग स्थानों पर अधिकारियों की टीम के पहुंचने से सरकारी संस्थानों में तैनात कर्मियों के बीच पूरे दिन बेचैनी बनी रही.
औचक निरीक्षण से कर्मियों में बढ़ी सतर्कता
प्रशासन की ओर से अचानक किये गये निरीक्षण का उद्देश्य सरकारी संस्थानों में संचालित योजनाओं और उपलब्ध करायी जा रही सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना बताया गया. अधिकारियों की टीम ने कागजी दावों के बजाय मौके पर मौजूद व्यवस्था और लाभुकों से बातचीत के आधार पर स्थिति समझने का प्रयास किया. इससे संबंधित संस्थानों में तैनात कर्मियों के बीच सतर्कता बढ़ गयी है.
