जमुई से रिपोर्ट.
जिले में साइबर ठगी का एक मार्मिक मामला सामने आया है. खैरा थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव की रहने वाली एक प्रसूता महिला को सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने उसके बैंक खाते से 26,498 रुपये उड़ा लिये. पीड़िता ने यह राशि अपने नवजात शिशु के इलाज और प्रसव संबंधी खर्च के लिए बचाकर रखी थी. वर्तमान में मां और नवजात दोनों एक निजी क्लिनिक में भर्ती हैं, जबकि नवजात शिशु एनआईसीयू में उपचाराधीन है. प्राप्त जानकारी के अनुसार धर्मपुर निवासी नेहा कुमारी ने सदर थाना में दिए आवेदन में बताया है कि 16 जून की शाम करीब 6:25 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया. फोन करने वाले ने स्वयं को आंगनबाड़ी सुपरवाइजर बताते हुए कहा कि जीविका योजना के तहत उन्हें आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके लिए ऑनलाइन सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराने की बात कही गयी. ठग ने वेरिफिकेशन के नाम पर महिला को मोबाइल में एक विशेष कोड डायल करने को कहा. जैसे ही उन्होंने बताये गये कोड को डायल किया, उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते से पहले 24,098 रुपये और कुछ ही देर बाद 2,400 रुपये कट गये. इस प्रकार कुल 26,498 रुपये यूपीआई आइडी 288102866878 एवं खाता संख्या 26458100003212 में स्थानांतरित कर लिए गये. पीड़िता ने बताया कि प्रसव के दौरान आई जटिलताओं के कारण उनके नवजात शिशु को एनआइसीयू में भर्ती कराना पड़ा है. खाते में जमा राशि बच्चे के इलाज और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए रखी गयी थी. अचानक हुई इस ठगी से परिवार आर्थिक संकट में आ गया है. घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस साइबर ठगों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई है.सावधानी ही बचाव
पुलिस एवं साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना, बैंक अथवा संस्था के नाम पर आने वाले कॉल पर भरोसा न करें. मोबाइल में किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर कोई कोड डायल न करें और न ही बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा करें. किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा नजदीकी थाना से संपर्क करें.
