सिमुलतला. थाना क्षेत्र के बुढ़ीवारी गांव में मंगलवार की सुबह बिजली पोल में लगे बाक्स में हुए शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे एक ट्रैक्टर, धान कुटनी मशीन (मिल) एवं गेहूं थ्रेसर सहित लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गयी. घटना के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना सुबह करीब 11 बजे की है. गांव के फुलेश्वर यादव के घर के सामने स्थित बिजली पोल के बाक्स में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और उससे निकली चिंगारी बरामदे में रखे पुआल पर जा गिरी. देखते ही देखते आग ने झोपड़ीनुमा बरामदे को अपनी चपेट में ले लिया. आग इतनी तेजी से फैली कि पास में खड़ी बबलू यादव की ट्रैक्टर, उससे जुड़ी धान कुटनी मशीन और गेहूं थ्रेसर भी जलकर राख हो गए.आसपास के घरों को भी पहुंचा नुकसान
आग की लपटों ने आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचाया. जागेश्वर यादव की छत पर रखा पुआल, शंभू यादव का घर तथा नरेंद्र यादव के बरामदे का हिस्सा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया. ग्रामीणों-दिनेश यादव, मंटू यादव, मुकेश यादव समेत अन्य लोगों ने घंटों मशक्कत कर आग पर काबू पाया, अन्यथा पूरा गांव इसकी चपेट में आ सकता था. घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन एवं बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा गया. ग्रामीणों का कहना है कि डायल 112 नंबर की पुलिस टीम को तुरंत सूचना दी गयी, लेकिन अग्निशमन दल के पहुंचने तक सब कुछ जलकर खाक हो चुका था.उल्लेखनीय है कि सिमुलतला थाना की दमकल गाड़ी पिछले महीने ही जिला मुख्यालय वापस बुला ली गई है. वर्तमान में किसी भी आपात स्थिति में दूसरे थानों से दमकल मंगानी पड़ती है, जिससे पहुंचने में विलंब होता है. सूचना मिलते ही सिमुलतला अवर निरीक्षक नीलम कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और नुकसान का जायजा लिया. पीड़ित ने बताया कि वे बिजली विभाग के अभियंता के खिलाफ मामला दर्ज कराएंगे. ग्रामीणों ने जर्जर तार एवं बिजली बाक्स के रखरखाव में लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण बताया है.
इस संबंध में सिमुलतला थानाध्यक्ष रूबी कुमारी ने बताया कि थाना में फिलहाल अग्निशमन वाहन उपलब्ध नहीं है, आवश्यकता पड़ने पर अन्य थानों से सहायता ली जाती है. वहीं बिजली विभाग के एसडीओ ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि ओवरलोड की स्थिति में ही बिजली बाक्स में आग लगने की संभावना होती है.