जमुई. समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में गुरुवार को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री नवीन ने की. कार्यशाला की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, इसके बाद उपस्थित पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को शपथ दिलायी गयी. जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, बुनियादी ढांचे का विकास करना व ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार करना है. उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना के तहत रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन तक सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जायेगा. उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास, जल संरक्षण, सड़क निर्माण सहित आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. यह पहल विकसित भारत 2047 के विजन से जुड़ी हुई है, जिसके माध्यम से गांवों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. कार्यशाला के दौरान जिले के विभिन्न पंचायतों के मुखियाओं एवं संबंधित अधिकारियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी गयी. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी जनप्रतिनिधि गांव-गांव जाकर लोगों को योजना से अवगत कराएं, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके. उन्होंने बताया कि यह मिशन ग्रामीण रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करेगा और मनरेगा के पूरक रूप में रोजगार अवसरों के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करेगा. कार्यक्रम में जिला स्तरीय पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के कर्मी मौजूद रहे.
ग्रामीण रोजगार बढ़ाने को लेकर अधिकारी समेत मुखियाओं को मिली जानकारी
समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में गुरुवार को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई.
