जमुई : बीते 5 नवंबर को सदर थाना क्षेत्र के नवीनगर निवासी कपड़ा व्यवसायी मुरारी साह उर्फ टुनटुन साह हत्याकांड का पुलिस ने उद्भेदन कर लिया है तथा मामले के मुख्य अभियुक्त बजरंगी साह उर्फ साका सहित कुल चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने इस घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद कर ली है. प्रेस वार्ता कर उक्त जानकारी देते हुए डीएसपी मुख्यालय लाल बाबू यादव ने बताया कि बीते 5 नवंबर को काकन के सतायन स्कूल के समीप कपड़ा व्यवसायी मुरारी साह उर्फ टुनटुन साह की गला रेतकर हत्या कर दी गयी थी.
इसे लेकर सदर थाना में मामला दर्ज किया गया था और कार्रवाई को लेकर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रामपुकार सिंह के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) का गठन किया गया था.
उक्त टीम ने मामले में मुख्य अभियुक्त मृतक मुरारी साह के चचेरे भाई बजरंगी साह उर्फ साका को गिरफ्तार किया. साथ ही इस घटना में शामिल कुख्यात अपराधी काकन गांव निवासी नीरज कुमार पिता नरेश महतो, सूरज कुमार पिता महतो तथा जितेंद्र कुमार पिता राम दयाल महतो को गिरफ्तार किया है.
उन्होंने बताया कि पूछताछ के क्रम में पता चला कि प्रतिशोध की भावना में बजरंगी ने पांच लाख की सुपारी देकर मुरारी साह की हत्या की वारदात को अंजाम दिया. यह भी पता चला कि घटना के दिन पहले नीरज कुमार ने टुनटुन साह को फोन कर बुलाया और सभी साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी.
उन्होंने बताया कि सभी अपराधियों की गिरफ्तारी उझंडी चौक के समीप से की गयी है. छापेमारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रामपुकार सिंह के अलावा सदर थानाध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह, अवर निरीक्षक रविंद्र प्रसाद, अवर निरीक्षक चितरंजन कुमार सहित एसआइटी टीम के सदस्य शामिल थे.
पांच लाख रुपये को लेकर की गयी कपड़ा व्यवसायी की हत्या
जमुई. कपड़ा व्यवसायी मुरारी साह उर्फ टुनटुन साह हत्याकांड का पुलिस ने बीते मंगलवार को पटाक्षेप कर दिया. जांच के क्रम में यह सामने आया है कि अपने दुकान में आग लगाने वालों को चिह्नित करके समाज के सामने लाना और उसपर पंचायत के माध्यम से पांच लाख रुपया का जुर्माना लगाना टुनटुन को महंगा पड़ गया.
इस कारण प्रतिशोध की भावना में आकर बजरंगी साह ने सुपारी देकर उसका हत्या करा दिया. जानकारी के अनुसार कुछ माह पहले टुनटुन साह के कपड़ा दुकान को आग लगा दिया था. जिसमें टुनटुन को काफी नुकसान हुआ था. टुनटुन साह ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गांव के ही बजरंगी साह और उसके साथियों पर आरोप लगाया था.
जिसके बाद पंचायत ने बजरंगी साह को दोषी मानते हुए उसे क्षति पूर्ति को लेकर पांच लाख रुपया जुर्माना लगाया था. पंचों के दबाव के कारण बजरंगी साह ने जुर्माना की राशि टुनटुन को दिया. लेकिन इसके बाद बजरंगी साह का प्रतिशोध मुरारी के प्रति बढ़ गया और उसने साजिश कर उसका हत्या करवा दिया.
नीरज महतो से अनबन के कारण उसे दी सुपारी
सूत्रों की मानें तो नीरज महतो उसके दुकान से सात हजार रुपया का बकाया लिया था. इसे लेकर नीरज महतो और मृतक मुरारी साह के बीच अनबन भी हुई थी. जिस कारण बजरंगी ने हत्या के लिए नीरज और उसके साथियों का चयन किया. इसी अनबन का लाभ बजरंगी साह ने उठाया तथा मुरारी की हत्या को लेकर उसके साथ मिलकर प्लान बनाया और उसकी हत्या कर दी.
