- बारिश का मौसम शुरू होते ही शुरू हो जाता है इनका आगमन
- लगभग 6 से 8 माह तक यह पक्षी रहते हैं इस क्षेत्र में
- एसपी आवास व उसके सामने स्थित प्रखंड कार्यालय के आधा दर्जन पेड़ को बनाया है अपना ठिकाना
- लोग रुक कर देखते हैं यह नजारा
विभूति भूषण, जमुई : मुख्यालय स्थित एसपी आवास और प्रखंड कार्यालय के आसपास का इलाका इन दिनों विदेशी पक्षी साइबेरियन जांघिल के कलरव और कोलाहल से गुलजार हो रहा है. बारिश के इस मौसम में इस क्षेत्र का नजारा बिल्कुल देखते ही बनता है. वर्तमान समय में सुबह और शाम को यह पूरा इलाका साइबेरियन पक्षी जांघिल के कलरव से गुलजार होता रहता है. आसपास के लोगों की मानें पिछले तीन वर्षों से बारिश का मौसम शुरू होते ही इस इलाके में इन पक्षियों का आगमन भारी तादाद में हो रहा है.
यह पक्षी एसपी आवास और प्रखंड कार्यालय के समीप स्थित नीम, बरगद और शीशम सहित आधा दर्जन पेड़ को लगभग छह से आठ माह तक अपनी आश्रय स्थली बनाकर सुरक्षित तरीके से अपनी वंश वृद्धि करते हैं. जाड़ा का मौसम खत्म होते ही इन पक्षियों का यहां से पलायन प्रारंभ हो जाता है.
प्रत्येक दिन सुबह और शाम को आसपास के लोगों और इस ओर से होकर गुजरने वाले लोगों को इन पक्षियों का कोलाहल बहुत ही सुकून दे रहा है. इन पक्षियों के कोलाहल के कारण इस ओर से होकर गुजरने वाले सभी व्यक्ति की नजर अनायास ही इन पर पड़ जाती है और कोई भी व्यक्ति इस स्थान पर रुक कर इनके इस कोलाहल को देखने सुनने को मजबूर हो जाता है.
इन पक्षियों के कोलाहल के कारण इस क्षेत्र का दृश्य बहुत ही मनोरम प्रतीत होता है. वन विभाग को बेहतर तरीके से इन पक्षियों का संरक्षण करना चाहिए, ताकि इनका आगमन प्रत्येक वर्ष भारी तादाद में पूरे जिले में हो सके.
कहते हैं वनों के क्षेत्र पदाधिकारी
वनों के क्षेत्र पदाधिकारी उदय शंकर ने बताया कि साइबेरियन जांघिल के संरक्षण के लिए वन विभाग की ओर से हर संभव कदम उठाया जायेगा. इन पक्षियों पर वन विभाग के कर्मियों को भी हर संभव नजर रखने का निर्देश दिया गया है. विभाग के वरीय अधिकारियों को भी इसके बारे में जल्द ही जानकारी दी जायेगी. अगर किसी भी व्यक्ति के द्वारा इनका शिकार करने का प्रयास किया जायेगा तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया जायेगा.
सुरक्षा की दृष्टि से यह स्थान सबसे उपयुक्त
वन एवं पर्यावरण विभाग के कर्मियों की मानें तो यह पक्षी उसी क्षेत्र में अपना आश्रय या घोंसला बनाते हैं, जो हर दृष्टिकोण से सबसे सुरक्षित है. एसपी आवास और प्रखंड कार्यालय के आसपास का इलाका रिहाइशी इलाका होने के कारण इनका शिकार करना किसी के वश में नहीं है. इस क्षेत्र में पानी की सुविधा भी समुचित मात्रा में उपलब्ध है. इस क्षेत्र में इन पक्षियों का रैन बसेरा बनाना पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से बहुत ही बेहतर है.
