शंभुगंज : प्रखंड क्षेत्र के मिर्जापुर पंचायत अंतर्गत जोगनी गांव में पीने की पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. एक सरकारी चापानल के भरोसे हजारों की आबादी लाइन में कतारबद्ध होकर पानी के लिए मारामारी करते हैं. जिसके लिए लाइन में खड़ी महिलाओं के बीच आपस में कई दफे झड़प हो जाती है.
वहीं सरकार एक तरफ सभी वार्ड में नल जल योजना के तहत हर घर में शुद्ध पेय जल की आपूर्ति कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. वहीं मुख्यालय से सटे मिर्जापुर पंचायत के जोगनी गांव पानी के लिए तरस रही है.
एक हजार की आबादी वाला यह गांव दो वार्ड में बांटा हुआ है. जहां इन दोनों वार्ड में न तो चापानल है और न ही पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था है. नतीजन गांव के लोग पानी के लिए गांव से करीब आधा किमी दूर एक चापानल पर सूर्य उदय के पूर्व से ही लाईन लगाकर खड़े हो जाते हैं. जिसमें सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को झेलनी पड़ती है.
इतना ही नहीं यहां से पानी घर तक ले जाने के लिए महिलाओं के द्वारा जुगाड़ तकनीकी से बनबाये गये गाड़ी का इस्तेमाल कर पानी ढ़ोना होता है. ग्रामीण महिला बीबी सुलेना, बीबी सराना, बीबी नीना, बीबी सुनैना, बीबी रियाबीया, बीबी शोहरीना सहित अन्य ने बताया कि जब भी लोकसभा चुनाव या विधानसभा चुनाव या पंचायत चुनाव आता है तो लगता है कि अबकी बार समस्या का समाधान हो जायेगा, लेकिन, वोट मांगने वाला प्रत्याशी पानी की समस्या दूर करने का आश्वासन देकर वोट लेकर फिर दोबारा वापस नहीं आते हैं. वहीं कड़ी धूप में लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.
