सिमुलतला : गरीबी उन्मूलन को लेकर सरकार व सरकारी मुलाजिमों द्वारा अनगिनत योजना की बखान की जाती है, लेकिन वास्तव में इन योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच भी रही है या नहीं, इसकी वास्तविकता से सब कोई अनजान है. दरअसल इस कड़ाके की ठंड के बावजूद भी सिमुलतला क्षेत्र के गरीब, असहाय के लिए अबतक कोई भी सरकारी सुविधा मयस्सर नहीं हो पायी है. लिहाजा ठंड से ठिठुरते जरुरतमंद लोग गर्म कपड़ों के अभाव में जुट की बोरियां पहनकर राहत पाने को मजबूर है.
जो गरीबी उन्मूलन को लेकर सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है. बताते चलें कि सिमुलतला क्षेत्र के खुरंडा, कनौदी व टेलवा पंचायत में लगभग चार हजार लोग गरीबी रेखा के नीचे अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं. जिनके लिए दो वक्त की रोटी का जुगाड़ कर पाना एक चुनौती है. इस परिस्थिति में न उनके पास अच्छा घर होता है
और न अच्छे कपड़े. लिहाजा यह कड़ाके की ठंड उनके लिए मुसीबत बन रही है. जानकारी के अनुसार बीते सोमवार की रात्रि क्षेत्र के खुरंडा गांव निवासी 70 वर्षीय बिहारी यादव की ठंड लगने से मौत हो गयी. इस संदर्भ में टेलवा मुखिया इंदु भारती, कनौदी मुखिया रुखसाना खातून व खुरंडा मुखिया बिंदा देवी बताती हैं कि ठंड से राहत के लिए सरकार की तरफ से अबतक किसी प्रकार की योजना आवंटन नहीं है. हमलोग निजी स्तर से अलाव आदि की व्यवस्था कर रहे हैं.
