एक फरवरी से एनआइसी के पोर्टल से इ-वे बिल बनाने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होगी लागू
झाझा : मुख्यालय स्थित एक निजी धर्मशाला में बीते रविवार को इ-वे बिल को लेकर वाणिज्यकर विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. मौके पर मौजूद वाणिज्य विभाग के उपायुक्त मोहन कुमार ने कहा कि बीते वर्ष एक जुलाई से जीएसटी के लागू होने के बाद अब एक फरवरी को इ-वे बिल भी लागू कर दिया जाएगा. इसमें सभी तरह के व्यवसायी एवं ट्रांसपोर्ट का निबंधन होना है. उन्होंने इ-वे बिल के संदर्भ में कहा कि माल के परिवहन के लिए बनाया जाने वाला रोड परमिट है,
जिसे ऑनलाइन तैयार किया जाएगा. यह एनआइसी के पोर्टल के वेबसाइट पर बनाया जाएगा. उपरोक्त सुविधा एसएमएस के माध्यम से भी उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि एक राज्य से दूसरे राज्य में माल के परिवहन हेतु एक फरवरी से एनआइसी के पोर्टल से इ-वे बिल बनाने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू होगी. जो किसी सप्लायर, माल प्राप्तिकर्ता या ट्रांसपोर्टर द्वारा बनाया गया ई-वे बिल पूरे देश में मान्य होगा. उन्होंने कहा कि 50 हजार से कम मूल्य के परिवहन हेतु इ-वे बिल बनाना अनिवार्य नहीं है, परतु व्यवसायी या परिवहनकर्ता यदि चाहे तो 50 हजार से कम मूल्य के माल के परिवहन हेतु ई-वे बिल बना सकता है.
उपायुक्त श्री कुमार ने कहा कि एक सौ किलोमीटर तक अगर कोई ट्रांसपोर्ट द्वारा माल पहुंचाया जाता है तो उसके लिए 24 घंटे का समय मिलेगा. अगर एक सौ से अधिक होगा उसके लिए 48 घंटा का समय दी जाएगी. इसके अलावा एक हजार किलोमीटर के लिए 15 दिन दिए जाएंगे. इस अवसर पर वाणिज्यकर विभाग के जिला पदाधिकारी प्रेमचन्द्र भारती, प्रधान लिपिक सीताराम तांती, डाटा ऑपरेटर कृष्ण कुमार पासवान, विकास कुमार, लेखापाल राजीव केशरी, दिवाकर सिंह के अलावा व्यवसायी मोती गोयल, पूर्व चैम्बर के अध्यक्ष सिताराम पोद्धार, गोपाल वर्णवाल, अनिल वर्णवाल, सुरेश अग्रवाल, ललन वर्णवाल, कलीम अंसारी, महेन्द्र वर्णवाल सहित कई व्यवसायी उपस्थित थे.
