हड़कंप . बढ़ेगा जांच का दायरा, और भी शिक्षकों के फंसने की है संभावना
प्राथमिकी के बाद फर्जी प्रमाणपत्र पर कार्यरत शिक्षकों की बढ़ी बेचैनी
सोनो : निगरानी विभाग द्वारा सोनो प्रखंड अंतर्गत कार्य कर रहे एक दर्जन फर्जी नियोजित शिक्षकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद फर्जी नियोजित शिक्षकों की बेचैनी बढ़ गयी है. जानकारों की मानें तो फर्जी नियोजित शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की यह शुरुआत है.
जांच का दायरा बड़ा होते ही प्रखंड के अन्य दर्जनों फर्जी नियोजित शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. वर्तमान में जिन नियोजित शिक्षक-शिक्षिकाओं पर प्राथमिकी दर्ज हुई है वे विद्यालय जाना बंद कर फरार हो गये है. वे अब किसी अच्छे वकील की खोज में निकल पड़े हैं. इन आरोपित शिक्षकों पर कभी भी कानून की गाज गिर सकती है.
गिरफ्तारी से बचना इन शिक्षकों के लिए आसान नहीं होगा.
इस बाबत थानाध्यक्ष उमेश प्रसाद ने बताया कि निगरानी विभाग द्वारा किये गये जांच के प्राप्त प्रतिवेदन व उनके द्वारा कराए गये प्राथमिकी के आलोक में फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दिया गया है. बताते चलें कि बीते 15 दिसंबर को निगरानी विभाग के जमुई में कैंप कर रहे पुलिस अवर निरीक्षक ने सोनो थाना में आवेदन देकर बारह नियोजित शिक्षकों पर धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से नियोजित होने को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराया था.
ये एक दर्जन वैसे नियोजित शिक्षक-शिक्षिकाओं की सूची थी जिनके इंटर के अंक पत्र फर्जी पाए गये थे. किसी के अंक पत्र में अंक का फर्जीवाड़ा था तो किसी ने नाम मे ही घपलेबाजी कर दी. यानि अंकपत्र किसी और का और नाम किसी अन्य का. गौरतलब है कि अभी सिर्फ अंकपत्र में हेराफेरी के बाबत ही फर्जी नियोजित शिक्षक चिह्नित हुए है जबकि कुछ अन्य कागजातों के फर्जीवाड़े की जांच अभी बांकी है. हालांकि जानकारों की मानें तो जांच के क्रम में अंकपत्र से फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने वाले नियोजित शिक्षकों की संख्या बढ़ सकती है. अब निगरानी की गाज वैसे फर्जी शिक्षकों पर भी गिर सकता है जिनके प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र फर्जी पाये जाएंगे.
सूत्र बताते है कि वर्ष 2006 से अब तक बहाल हुए नियोजित शिक्षकों के प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र की जांच का कार्य निगरानी विभाग द्वारा किया जा रहा है. जानकारों की मानें तो शिक्षक नियोजन में सर्वाधिक अनियमितता पंचायत स्तर पर हुए नियोजन के दौरान हुआ है. कई पंचायत के पंचायत सचिव पर फर्जीवाड़े में शामिल होने के आरोप लगे. कुछ पंचायत मे नियोजन संबंधी कागजात से जमकर खेला गया. उस वक्त भी नियोजन में हुई अनियमितता के चर्चे आम हुए थे.
फर्जी अंकपत्र बेचने वाले रैकेट का हो सकता है भंडाफोड़
चर्चा इस बात को लेकर भी है कि विभिन्न समयों में हुए नियोजन के समय प्रखंड में फर्जी अंकपत्र व प्रमाणपत्र बेचने वाले लोग सक्रिय थे जिनसे इन शिक्षकों ने ऊंचे मूल्य पर अंकपत्र खरीदा था. कयास लगाया जा रहा है कि फर्जी अंकपत्र बेचने वाले रैकेट का जल्द ही भंडाफोड़ भी हो सकता है. दरअसल पुलिस के हाथ लगे ऐसे फर्जी शिक्षक उन लोगों के नाम अवश्य बतायेगा जिनसे उसने फर्जी अंकपत्र को खरीदा था.
पिछले वर्ष 28 फर्जी शिक्षकों ने दिया था त्यागपत्र
प्रखंड में शिक्षक नियोजन में फर्जीवाड़े का खेल जमकर हुआ था क्योंकि बीते वर्ष न्यायालय के एक आदेश के तहत एक निर्धारित तिथि तक त्यागपत्र देने वाले फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं किये जाने की घोषणा के बाद सोनो प्रखंड के 28 नियोजित शिक्षकों ने त्यागपत्र दिया था. भले ही त्यागपत्र देने वाले इन नियोजित शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई लेकिन इस बात को बल मिला कि प्रखंड में फर्जी अंकपत्र व प्रमाणपत्र का खेल जमकर खेला गया था.
