झाझा : सामाजिक कुरीतियों नशा, बाल विवाह व दहेज प्रथा आदि की रोक के उद्देश्य से मंगलवार को प्रखंड परिसर में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का उद्घाटन डीएम डाॅ कौशल किशोर, श्रम अधीक्षक सुबोध कुमार, प्रमुख गायत्री गौरव समेत अन्य अथितियों ने किया. कार्यक्रम की शुरुआत कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गान व अभिभाषण से हुई.
कार्यक्रम के दौरान मध्य विद्यालय बेनीबांक, महात्मा गांधी उच्चतर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कविता व वार्ता के द्वारा दहेज प्रथा व बाल विवाह पर चोट की. जीविका दीदी मोनिका कुमारी व वार्ड सदस्या खुर्शीदा खातून ने भी नशा न करने, बाल विवाह व दहेज प्रथा उन्मूलन, खुले में शौच मुक्त समाज बनाने का संकल्प लेने का आग्रह उपस्थित लोगों से किया. अपने सम्बोधन में डीएम डाॅ किशोर ने कहा कि नशा सेवन ,बाल विवाह करना, दहेज लेना व देना सभी अब अपराध की श्रेणी में आता है. इसलिए इससे मुक्ति के लिए हम सबों को सामूहिक प्रयास करना है.
श्रम अधीक्षक सुबोध कुमार ने कहा कि बिहार में 88 प्रकार के मजदूर हैं. मजदूरों के विकास के लिए बिहार सरकार ने कई तरह की योजनाएं बना रखी है. जिसका लाभ मजदुरा अवश्य लें. इसके लिए सबसे पहले श्रम कार्यालय में निबंधन करावें. उन्होंने कहा कि पूरे बिहार की एक-तिहाई भाग मजदूर सिर्फ झाझा में बीड़ी मजदूरी पर आश्रित है. जिनके पास बीड़ी श्रमिक कार्ड बना हुआ है. सरकार द्वारा किसी प्रकार का कोई आवास नहीं मिला है. वे आवेदन करें. उन्हें आवास बनाने की राशि के साथ अन्य तरह के लाभ भी मिलेगा. कार्यक्रम का सफल संचालन बीडीओ संतीश कुमार व बेनीबांक विद्यालय के प्रधानाध्यपक सत्यनारायण वर्मा ने किया. मौके पर अंचलाधिकारी निशांत पटेल, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कुमारी अपर्णा,कार्यक्रम पदाधिकारी स्मृति पुष्प, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी श्याम सुंदर सिंह,प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजदेव रंजन,इंदिरा आवास सहायक गुंजन कुमार गुंजन,मुखिया चंद्रदेव यादव,प्रमुख प्रतिनिधि मुन्ना कुमार समेत कई लोग मौजूद थे.
