गंदगी के बीच पढ़ रहे हैं बच्चे, शौचालय भी उपयोग के लायक नहीं

जमुई : नगर क्षेत्र के बोधवन तालाब स्थित आदर्श प्रेमसुख दास मध्य विद्यालय परिसर के बाहर गंदगी व जलजमाव से बच्चों को पठन-पाठन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वर्ष 1935 में स्थापित उक्त मध्य विद्यालय में इस विद्यालय में सरकार की स्वच्छता अभियान को असर नहीं के बराबर ही दिखता है. […]

जमुई : नगर क्षेत्र के बोधवन तालाब स्थित आदर्श प्रेमसुख दास मध्य विद्यालय परिसर के बाहर गंदगी व जलजमाव से बच्चों को पठन-पाठन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

वर्ष 1935 में स्थापित उक्त मध्य विद्यालय में इस विद्यालय में सरकार की स्वच्छता अभियान को असर नहीं के बराबर ही दिखता है. विद्यालय परिसर में चारों ओर गंदगी का ही साम्राज्य प्रतीत होता है. जिससे छात्रों के अभिभावक और प्रबुद्ध लोग विद्यालय प्रशासन के कार्यकलाप पर सवाल खड़ा करते हैं. जानकारी के अनुसार इस विद्यालय में स्थित शौचालय उपयोग के लायक नहीं रह गया है. वर्तमान में इस विद्यालय में 422 छात्र नामांकित हैं. विद्यालय के पांचों कमरा जीर्ण शीर्ण अवस्था में है. शौचालय में गंदगी को देख कर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वच्छता की जहां से अलख जगाना चाहिए वहीं पर सबसे अधिक गंदगी फैली हुई है.
इस विद्यालय कि हालत देख कर ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत का सपना टूटता नजर आ रहा है. स्कूल परिसर के गंदगी से अभिभावकों को बच्चों में संक्रामक रोगों के फैलने का अंदेशा बना रहता है. जानकारी के अनुसार इस स्कूल परिसर में ही बीआरसी केंद्र भी है. इसके बावजूद भी बच्चे गंदगी के माहौल में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं. मुख्यालय स्थित विद्यालय परिसर के चोरों ओर फैले गंदगी, जर्जर शौचालय आदि को देखकर लोग विभाग के अधिकारी और विद्यालय प्रशासन के कार्यकलाप पर सवाल उठाने को मजबूर हो रहे हैं. लोग साफ शब्दों में कहते हैं कि सरकारी कर्मी ही साफ सफाई को लेकर गंभीर नहीं हो रहे हैं.

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