एक साल में 25 दुर्घटनाएं, कई मौतें

दुर्भाग्य . दुर्घटना का बड़ा जोन बन गया है नारियाना पुल खैरा-सोनो मुख्य मार्ग पर अवस्थित नारियाना पुल पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं. लेकिन, प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है. पुल में दरार, तीखी मोड़ व सड़क किनारे खायी दुर्घटनाओं की मुख्य वजह है, फिर भी इसे ठीक कराने की कोई पहल […]

दुर्भाग्य . दुर्घटना का बड़ा जोन बन गया है नारियाना पुल

खैरा-सोनो मुख्य मार्ग पर अवस्थित नारियाना पुल पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं. लेकिन, प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है. पुल में दरार, तीखी मोड़ व सड़क किनारे खायी दुर्घटनाओं की मुख्य वजह है, फिर भी इसे ठीक कराने की कोई पहल नहीं हुई.
खैरा : खैरा-सोनो मुख्य मार्ग पर अवस्थित नारियाना पुल इस रोड का सबसे खतरनाक दुर्घटना जोन के रूप में जाना जाता है. तीखा मोड़ होने की वजह से अक्सर वाहनों का यहां संतुलन बिगड़ जाता है व बड़ी-बड़ी वाहनें सड़क किनारे के खायी में पलट जाया करते थे. इसमें इस साल कई लोग काल-कलवित हो गये. हालांकि, दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए विभाग ने पुल के दोनों किनारे रेलिंग लगवा दिया. अब इसे पुल की किस्मत कहें का पुल का इस्तेमाल करने वाले लोगों की.
बीते महीने पुल में दरार आ गयी और पुल भारी वाहनों के आवागमन के लिए वर्जित कर दिया गया. भारी वाहनों का आवागमन रोकने के लिए विभाग ने पुल के दोनों छोर पर बैरियर लगवा दिया. लेकिन, अब वह बैरियर भी जानलेवा हो गया है. अब तक पांच ऐसी घटनाएं घट चुकी हैं, जिसमें बैरियर से टकराकर दो लोगों की मौत भी हो गयी है. शनिवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ जब ऑटो की छत पर सवार दिलावर पासवान की बैरियर से टकराकर मौत हो गयी. पिछले एक साल के दौरान नारियाना पुल में अलग-अलग दुर्घटना में तीन दर्जन से अधिक लोगों गंभीर रूप से जख्मी हो चुके हैं.

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