बिहार में उद्घाटन के डेढ माह बाद ही ध्वस्त हुआ जलमीनार, कोई हताहत नहीं

संयोग था कि जिस वक्त पानी भरने के लिए मोटर ऑन किया गया था, उस वक्त वहां कोई नहीं था, नहीं तो एक बड़ी दुर्घटना घट सकती थी.

गया. बिहार में हर घर नल का जल पहुंचाने का सपना जमींदोज हो रहा है. बिहार में ‘सात निश्चय’ योजना को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट कहा जाता है, लेकिन मुख्यमंत्री के इस ड्रीम प्रोजेक्ट में लूट खसोट मची है.

ताजा मामला गया के गुरुआ का है. यहां मुख्यमंत्री के सात निश्चय योजना के तहत बने जलमीनार का उदघाटन महज डेढ माह पहले हुआ था.

प्रखंड अंतर्गत पलुहारा पंचायत के बेलदार बीघा गांव में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल जल स्कीम वाला काम पूरा होने पर लोग खुश थे. प्रशासन ने भी धूमधाम से टंकी का उद्घाटन किया. लेकिन जल मीनार उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही जमींदोज हो गया.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ग्रामीणों ने बताया कि डेढ़ महीने पूर्व यह टंकी चालू हुआ था. रोज की तरह रविवार को जैसे ही टंकी में पानी भरने के लिए मोटर ऑन किया गया, पांच मिनट बाद ही टंकी टूटकर नीचे गिर गया.

टंकी गिरने की आवाज हुई तो वहां आसपास अफरातफरी मच गई. संयोग था कि जिस वक्त पानी भरने के लिए मोटर ऑन किया गया था, उस वक्त वहां कोई नहीं था, नहीं तो एक बड़ी दुर्घटना घट सकती थी.

सात निश्चय योजना के तहत जलापूर्ति के लिए जिले में हर घर नल का जल योजना के तहत कई जल मीनार बनाए गए हैं. साथ ही टंकी भी लगायी गयी है.

इस विकास कार्य में संवेदक अधिक पैसे बचाने के लिए लगातार घटिया सामग्रियों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे पहले भी बिहार के खगड़िया और मधुबनी जिले में ऐसी ही घटना सामने आयी थी जब उद्घाटन के बाद ही पानी की टंकी जमीन पर आ गिरी थी.

Posted by Ashish Jha

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