Video: बच्चों के बीच बेंच पर बैठीं जहानाबाद की DM, जांच में रिकॉर्ड से पढ़ाई तक मिलीं गड़बड़ियां

जहानाबाद की DM छिरिङ वाई भूटिया का बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाई परखने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. मुरलीधर उच्च विद्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान DM ने क्लास में पीछे बैठकर पढ़ाई देखी और बच्चों-शिक्षकों से सवाल किए.

Jehanabad DM School Inspection सोशल मीडिया पर बिहार के जहानाबाद की जिला पदाधिकारी (DM) आईएएस छिरिङ वाई भूटिया का एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है. वीडियो जहानाबाद के राजा बाजार स्थित मुरलीधर उच्च विद्यालय सह सरस्वती विद्या मंदिर का है. इसमें डीएम एक क्लास रूम में बच्चों के बीच बैठी नजर आ रही हैं. एक शिक्षक बच्चों को गणित पढ़ा रहे हैं और डीएम पीछे बेंच पर बैठकर पूरी कक्षा को ध्यान से देख रही हैं.

शिक्षा विभाग ने इस विद्यालय को मॉडल स्कूल में तब्दील किया है. स्कूल में बेहतर पढ़ाई-लिखाई के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. इसी बीच जिला पदाधिकारी ने स्कूल की व्यवस्था, पठन-पाठन में कमियों, विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही और छात्रों की कम उपस्थिति को लेकर स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा है.

बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने परखी पढ़ाई

दरअसल, डीएम छिरिङ वाई भूटिया मुरलीधर उच्च विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंची थीं. स्कूल पहुंचने पर उन्होंने एक कक्षा में शिक्षक को बच्चों को गणित पढ़ाते देखा. इसके बाद वह बिना किसी औपचारिकता के कक्षा में गईं और बच्चों के साथ पीछे की बेंच पर बैठ गईं. उन्होंने पूरी कक्षा के दौरान शिक्षक के पढ़ाने के तरीके और बच्चों की पढ़ाई को देखा. कक्षा खत्म होने के बाद उन्होंने बच्चों और शिक्षक से पढ़ाई से जुड़े कई सवाल किए.

इसके बाद डीएम ने स्कूल के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्हें कई तरह की कमियां और विसंगतियां मिलीं. उन्होंने संबंधित शिक्षकों, स्कूल के प्रधानाध्यापक और प्रबंधन से इन कमियों को लेकर जवाब-तलब किया.

डीएम ने कहा कि जिले के सभी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति और बेहतर लर्निंग आउटकम उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूलों में व्यवस्था और पढ़ाई की गुणवत्ता को लेकर औचक निरीक्षण का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा.

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औचक निरीक्षण में सामने आईं कई खामियां

औचक निरीक्षण के दौरान जीवविज्ञान और भौतिकी प्रयोगशाला के शिक्षक डीएम के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. इसके अलावा Philo App के उपयोग को लेकर भी शिक्षकों के पास पर्याप्त जानकारी नहीं थी.

निरीक्षण के दौरान वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर भी कई कमियां सामने आईं. प्रधानाध्यापक की ओर से कैश बुक, विकास मद और छात्र कोष से संबंधित रिकॉर्ड निरीक्षण के समय प्रस्तुत नहीं किए गए. विद्यालय प्रबंध समिति की बैठकें नियमित रूप से नहीं होने और अभिभावक संगोष्ठी में आवश्यक जानकारी साझा नहीं किए जाने पर भी डीएम ने नाराजगी जताई. डीएम ने संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को व्यवस्थाओं में सुधार करने तथा कमियों को दूर करने के निर्देश दिए.

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By Rajeshkumar Ojha

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