बिहार: छपरा में अंग्रेज जमाने का पुल ध्वस्त, टूटे पुल में लटका ट्रक, बाल-बाल बचे ड्राइवर व खलासी

बिहार के छपरा में अंग्रेज जमाने का बना एक लोहे का पुल टूट गया. यह पुल काफी वर्षों से डैमेज था लेकिन इस ओर प्रशासन ने कभी ध्यान नहीं दिया. शनिवार को एक ट्रक जब इसपर चढ़ा तो पुल ध्वस्त हो गया. ट्रक बीच पुल पर लटक गया.

Bihar News: छपरा तरैया प्रखंड मुख्यालय व तरैया बाजार से चंचलिया पंचायत के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क में स्थित जर्जर लोहे के पुल में गिट्टी लदा 12 चक्का ट्रक शनिवार की शाम में जा गिरा. बीच पुल पर ट्रक लटकने लगा. इस घटना में ट्रक चालक व उप चालक बाल-बाल बचे. वहीं अब इस पुल के ध्वस्त होने से कई गांवों के लोगों को आने जाने में परेशानी होगी.

ब्रिटिशकालीन जर्जर लोहे का पुल

तरैया बाजार से देवरिया हाई स्कूल रोड होते हुए चंचलिया सारण तटबंध के समीप मुख्य सड़क में ब्रिटिशकालीन जर्जर लोहे का पुल वर्षों से छोटे वाहनों की आवाजाही के दौरान हिलता था. पुल काफी जर्जर स्थिति में था. उसके बाद भी जबरन लोडेड ट्रक व अन्य गाड़ियों के चालक जान जोखिम में डालकर पार करते थे.

12 चक्का ट्रक पर चढ़ते ही पुल ध्वस्त

शनिवार की शाम को तरैया बाजार की तरफ से 12 चक्का ट्रक पर लोडेड गिट्टी लेकर ट्रक चालक पुल पार कर रहा था. लोडेड ट्रक जैसे ही पुल पर चढ़ा कि पुल ट्रक के साथ धंस गया. पुल पार करने के दौरान ट्रक का पीछे का हिस्सा पुल में धंस गया और आगे का हिस्सा 20 फुट ऊपर उठ गया.

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प्रभात खबर के 12 सितंबर 2022 के अंक में इस ब्रिटिशकालीन लोहे जर्जर पुल खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था.उसके बाद भी प्रशासन व जनप्रतिनिधियों का ध्यान उस तरफ नहीं गया. पुल धंसने की खबर सुनकर कर भलुआ, चंचलिया, आकूचक,टिकमपुर, माधोपुर समेत कई गांवों के ग्रामीण पुल के दोनों तरफ देखने के लिए जुट गये.

पुल धंसने से कई गांवों के लोगों को आने जाने में होगी परेशानी

सारण तटबंध स्थित जर्जर लोहे के पुल से ट्रक पार करने के दौरान पुल धंसने से चंचलिया, भलुआ, टिकमपुर, राजधानी, आकूचक समेत सारण तटबंध के रास्ते अमनौर, परसा, मकेर, सोनपुर जानेवाले लोगों को अब कठिनाइयों से गुजरना पड़ेगा. वहीं तरैया से सीधे चंचलिया दियारे होते हुए लोग गंडक नदी नाव के सहारे प्रतिदिन मुजफ्फरपुर आते-जाते है, जो अब बंद हो गया. अब मुजफ्फरपुर जाने के लिए रेवाघाट मकेर होकर जाना पड़ेगा.

Published By: Thakur Shaktilochan

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