IPS Bhanu Pratap Singh : करीब ढाई घंटे की रस्साकशी, बाहर समर्थकों का भारी हुजूम और अंदर हाई वोल्टेज ड्रामा. मामला था पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी का. इस पूरे ऑपरेशन की कमान जिस IPS अधिकारी के हाथों में थी, उनका नाम था भानु प्रताप सिंह. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस टीम ने जिस तरह संयम बनाए रखा और बिना किसी बड़े टकराव के कार्रवाई पूरी की, उसकी चर्चा खूब हुई.
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के दौरान चर्चा में आया था नाम
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के दौरान बाहर समर्थकों की भीड़ और पुलिस के सामने कानूनी कार्रवाई पूरी करने की चुनौती थी. करीब ढाई घंटे तक चले घटनाक्रम में पुलिस टीम ने स्थिति को संभाले रखा. इस पूरे ऑपरेशन में भानु प्रताप सिंह की रणनीति और नेतृत्व की चर्चा हुई.
अपराधियों पर सख्त कार्रवाई से बनाई अलग पहचान
यह पहली बार नहीं था जब भानु प्रताप सिंह किसी हाई प्रोफाइल कार्रवाई को लेकर चर्चा में आये. ट्रेनिंग के बाद मुजफ्फरपुर में टाउन एसएसपी की जिम्मेदारी संभालने के दौरान उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया. अपराधियों के पीछे खुद लाठी लेकर दौड़ने की चर्चाओं से पुलिस महकमे में उनकी अलग पहचान बनी.
इसके बाद दानापुर एसएसपी रहते हुए भी उन्होंने कई चर्चित मामलों में कार्रवाई की. दिसंबर 2024 में रीतल यादव के भाई पिंकू यादव के खिलाफ हुई कार्रवाई भी सुर्खियों में रही. राजनीतिक रसूख के बावजूद पुलिस कार्रवाई और बाद में आत्मसमर्पण की स्थिति को उनकी सख्त कार्यशैली से जोड़कर देखा गया.
अब अपने ही पारिवारिक विवाद को लेकर चर्चा में IPS
लेकिन अब कहानी ने अचानक अलग मोड़ ले लिया है. खगड़िया के एसपी और 2021 बैच के IPS अधिकारी भानु प्रताप सिंह की पत्नी पूजा ने अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
पूजा का दावा है कि उनकी पांच साल की बेटी को उनसे अलग कर दिया गया है. उन्होंने मारपीट, गोली मारने की धमकी देने और तलाक के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है. पूजा के अनुसार, उन्हें पति के IPS पद का रौब दिखाकर डराया जाता रहा.
पत्नी ने दूसरी शादी के लिए दबाव बनाने का लगाया आरोप
पूजा ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके पति दूसरी शादी करना चाहते हैं और इसी वजह से उन पर तलाक देने का दबाव बनाया जा रहा है. हालांकि, ये सभी आरोप पत्नी की ओर से लगाये गये हैं. इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
पांच साल की बेटी को लेकर भी उठे सवाल
इस विवाद का सबसे भावनात्मक पहलू पांच साल की बेटी से जुड़ा है. पूजा का कहना है कि बेटी को उनसे अलग कर दिया गया है. ऐसे में मामला केवल पति-पत्नी के बीच विवाद तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि बच्ची की कस्टडी और मां-बेटी के रिश्ते का सवाल भी सामने आता है.
आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही होगी साफ
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि पत्नी की ओर से लगाये गये आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. वहीं, भानु प्रताप सिंह का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना बाकी है. इसलिए इन आरोपों को अंतिम सच मानने से पहले जांच और दोनों पक्षों का बयान सामने आना जरूरी है.
जिस अधिकारी की सख्ती की होती थी चर्चा, अब उन्हीं पर सवाल
एक तरफ वह अधिकारी हैं जो हाई प्रोफाइल पुलिस कार्रवाई और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहे. दूसरी तरफ अब उन्हीं पर उनकी पत्नी ने गंभीर पारिवारिक आरोप लगाये हैं. यही वजह है कि यह मामला लगातार चर्चा में है.
आखिर इस पारिवारिक विवाद की असली कहानी क्या है? पत्नी की ओर से लगाये गये आरोपों की सच्चाई क्या है? क्या इसके पीछे कोई और विवाद है? इन सवालों का जवाब जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही सामने आएगा.
फिलहाल नजर इस बात पर है कि इस पूरे मामले में भानु प्रताप सिंह का आधिकारिक पक्ष क्या आता है और जांच के बाद विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है.