Indian Railways: बिहार के समस्तीपुर- कटिहार समेत इन रूटों पर बढ़ेगी ट्रेन की रफ्तार, लगाए जा रहे ये सिस्टम…

Indian Railways: बिहार में पूर्व मध्य रेलवे के सभी पांचों मंडलों में ट्रेनों की रफ्तार अब बढ़ेगी. ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टमों का विस्तार किया जाएगा. जानिए किन स्टेशनों पर इस प्रणाली सिस्टम की शुरुआत की जाएगी.

Bihar Train News: पूर्व मध्य रेलवे के सभी पांचों मंडलों में ट्रेनों की गति और बढ़ जायेगी. इसके लिए ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलों का विस्तार किया जायेगा. समस्तीपुर रेल मंडल के समस्तीपुर से उजियारपुर के बीच बीते बुधवार को इस प्रणाली सिस्टम की शुरुआत की गयी है. आने वाले दिनों में मानसी से सहरसा, सहरसा से पूर्णिया, सहरसा से फारबिसगंज जैसे स्टेशनों पर इस प्रणाली सिस्टम की शुरुआत की जायेगी. इसके अलावा अलग-अलग मंडलों में इन सिग्नलों का प्रयोग किया जा रहा है, जो अब तक सफल रहा है. इन्हें लगाने से एक रेलखंड में एक साथ तीन से चार ट्रेनें एक-दूसरे के पीछे कुछ ही फासले पर चलायी जा सकती हैं.

मिशन रफ्तार के तहत लगाया जा रहा सिस्टम

मिशन रफ्तार के तहत पूर्व मध्य रेल के कई रेल खंडों को ऑटोमेटिक ब्लॉक सिस्टम से लैस करने की तैयारी की गयी है. ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम स्थापित होने के बाद ट्रेनों का परिचालन और भी बेहतर हो पायेगा.

इन रेलखंडों पर सिस्टम लगाये जाने की योजना

जोन के छपरा-हाजीपुर- बछवारा-बरौनी-कटिहार (316 किमी) रेलखंड, बरौनी-दिनकर ग्राम सिमरिया (06 किमी), समस्तीपुर- बेगूसराय (68 किमी), पंडित दीन दयाल उपाध्याय जं.-मानपुर (214 किमी), मानपुर- प्रधानखंटा (203 किमी) रेलखंडों पर स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली लगाये जाने की योजना है.

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ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम प्रणाली से लैस करने की तैयारी

पूमरे के सभी मंडलों में ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम प्रणाली से लैस करने की तैयारी चल रही है. अगले साल तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है. यह सिस्टम लग जाने के बाद ट्रेनों के परिचालन में काफी सुधार आयेगा और ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ जायेगी. ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली में दो स्टेशनों के बीच प्रत्येक एक किलोमीटर की दूरी पर सिग्नल लगाये जायेंगे. सुरक्षा व संरक्षा को ध्यान में रखा गया है.

– वीरेंद्र कुमार, सीपीआरओ, पूमर

ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली को जानिए

ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली में दो स्टेशनों के बीच प्रत्येक एक किलोमीटर पर सिग्नल लगाये जाते हैं. नयी व्यवस्था में स्टेशन यार्ड के एडवांस स्टार्टर सिग्नल से आगे प्रत्येक एक किलोमीटर पर सिग्नल लगाये जा रहे हैं. सिग्नल के सहारे ट्रेनें एक-दूसरे के पीछे चलती रहेंगी. अगर, आगे वाले सिग्नल में तकनीकी खामी आती है, तो पीछे चल रही ट्रेनों को भी सूचना मिल जायेगी. जो ट्रेन जहां रहेगी, वहीं रुक जायेगी.

अब ट्रेनों को नहीं करना होगा इंतजार

ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के लागू होने से एक ही रूट पर एक किमी के अंतर पर एक के पीछे एक ट्रेनें चल सकेंगी. इससे रेल लाइनों पर ट्रेनों की रफ्तार के साथ ही संख्या भी बढ़ सकेगी. वहीं, कहीं भी खड़ी ट्रेन को निकलने के लिए आगे चल रही ट्रेन के अगले स्टेशन तक पहुंचने का भी इंतजार नहीं करना पड़ेगा. स्टेशन यार्ड से ट्रेन के आगे बढ़ते ही ग्रीन सिग्नल मिल जायेगा. यानी एक ब्लॉक सेक्शन में एक के पीछे दूसरी ट्रेन आसानी से चल सकेगी. इसके साथ ही ट्रेनों के लोकेशन की जानकारी मिलती रहेगी.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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