मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
India Post Office News: मुजफ्फरपुर डाक सेवाओं को आम लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और ग्रामीण व दूर-दराज के इलाकों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से इंडिया पोस्ट ने एक बेहतरीन पहल की है.विभाग की ओर से फ्रेंचाइजी योजना की सुविधा शुरू की गई है.इसके तहत कोई भी इच्छुक व्यक्ति निर्धारित शर्तों को पूरा करके खुद का डाकघर (फ्रेंचाइजी केंद्र) संचालित कर सकेगा.इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.प्रभारी प्रवर डाक अधीक्षक आशुतोष आदित्य ने बताया कि इस पहल से लोगों को अपने क्षेत्र में ही कई डाक सेवाओं का लाभ मिलेगा.इससे विभाग की पहुंच भी दूर-दराज के इलाकों में बढ़ेगी.फ्रेंचाइजी योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों में डाक सेवाओं का विस्तार करना है, जहां पूर्ण डाकघर खोलना व्यावहारिक नहीं है.
इन महत्वपूर्ण सेवाओं की मिलेगी सुविधा
डाक विभाग की इस फ्रेंचाइजी के अंतर्गत संचालकों को कई तरह की सेवाएं प्रदान करने का अधिकार मिलेगा.इसमें मुख्य रूप से स्पीड पोस्ट, पार्सल बुकिंग, पोस्टल स्टांप (डाक टिकट), रेवेन्यू टिकट की बिक्री, डाक जीवन बीमा (PLI) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI) की बुकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.इन सेवाओं के बदले संचालकों को विभाग की ओर से निश्चित कमीशन दिया जाएगा, जो उनकी आय का जरिया बनेगा.
15 हजार की सुरक्षा राशि और योग्यता अनिवार्य
इंडिया पोस्ट की फ्रेंचाइजी लेने के लिए इच्छुक आवेदकों को सुरक्षा जमा (सिक्योरिटी मनी) के रूप में 15 हजार रुपये का राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) या किसान विकास पत्र (KVP) खुलवाना होगा.इसे डाक विभाग के पक्ष में गिरवी रखा जाएगा.योग्यता की बात करें तो फ्रेंचाइजी केवल 12वीं पास ऐसे अभ्यर्थियों को मिलेगी, जिन्हें कंप्यूटर संचालन का अच्छा ज्ञान होगा.इसके अलावा उनके पास कंप्यूटर, प्रिंटर और ऑनलाइन सेवा केंद्र चलाने का अनुभव होना अनिवार्य है.आवेदकों को आवेदन फॉर्म के साथ अपने शैक्षणिक दस्तावेज, पहचान पत्र, पैन कार्ड और कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रमाण पत्र मुख्य रूप से जमा करने होंगे.
नहीं होगा कोई वित्तीय या बैंकिंग लेन-देन
प्रवर डाक अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि इन फ्रेंचाइजी केंद्रों पर केवल मेल और पोस्टल रिटेल सेवाओं की ही सुविधा दी जाएगी.इन केंद्रों पर किसी भी प्रकार का वित्तीय या बैंकिंग लेन-देन नहीं होगा .बचत बैंक खाता खोलना, नकद जमा या निकासी, मनी ऑर्डर और अन्य सभी बैंकिंग सेवाएं पहले की तरह केवल नियमित सरकारी डाकघरों के माध्यम से ही संचालित की जाएंगी.
