Hajipur News : जंदाहा थाना क्षेत्र के रसलपुर गांव में मंगलवार को मोबाइल टावर के पास 22 वर्षीय युवक का संदिग्ध स्थिति में शव मिलने से सनसनी फैल गयी. मृतक की पहचान सुरेश चौक निवासी वकील पासवान के पुत्र राहुल कुमार के रूप में हुई है. राहुल अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था. उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया.
घटना की सूचना पर जंदाहा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. महुआ एसडीपीओ संजीव कुमार ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली और थानाध्यक्ष को आवश्यक निर्देश दिये.
घर से निकला, दो घंटे बाद मिली मौत की खबर
परिजनों के अनुसार राहुल मंगलवार सुबह करीब आठ बजे घर से निकला था. करीब साढ़े 10 बजे ग्रामीणों ने परिवार को सूचना दी कि रसलपुर स्थित मोबाइल टावर के पास एक युवक का शव पड़ा है. परिजन मौके पर पहुंचे तो शव राहुल का निकला. राहुल पढ़ाई करता था और तीन बहनों का इकलौता भाई था. अचानक उसकी मौत से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है.
शव ले जाने से रोकने पर सड़क पर हंगामा
पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की. इसी दौरान लोगों ने शव वाहन को रोक दिया. रसलपुर हाट के पास लोगों ने वाहन को घेर लिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी.
परिजनों की मांग थी कि पोस्टमार्टम से पहले शव को एक बार घर ले जाया जाए. लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस शव वाहन को मृतक के घर ले गयी. इसी दौरान एसडीपीओ संजीव कुमार ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया.
भीड़ में फंसा मंत्री का काफिला
शव को घर ले जाने के दौरान सड़क पर भीड़ जुटने से यातायात बाधित हो गया. इसी दौरान बिहार सरकार के मंत्री लखींद्र पासवान का काफिला भी वहां पहुंच गया और जाम में फंस गया. घटना की जानकारी मिलने पर मंत्री ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी ली.
एसडीपीओ ने मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों की मदद से लोगों को समझाकर शांत कराया. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया गया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
जंदाहा थानाध्यक्ष अनामिका कुमारी ने बताया कि रसलपुर में संदिग्ध स्थिति में युवक का शव मिलने की सूचना मिली थी. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. युवक की मौत कैसे हुई, फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा. थानाध्यक्ष के अनुसार परिजनों की ओर से अभी कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है. आवेदन मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
