Viksit Bharat Mission: (कैफ अहमद) ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) की तैयारियों की समीक्षा की गई. बिहार के मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला पदाधिकारियों के साथ मिशन की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में ग्रामीण रोजगार, आजीविका संवर्द्धन और विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों को हासिल करने की रणनीति पर चर्चा हुई.
बैठक में बताया गया कि मिशन के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान किया गया है. यह वर्तमान ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी. योजना का उद्देश्य केवल मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीणों को कौशल विकास, स्वरोजगार और स्थायी आजीविका से जोड़ना भी है.
इन कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता
मिशन के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना का विकास, आजीविका संवर्द्धन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी. ग्राम पंचायतें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार योजनाओं का चयन करेंगी, जिन्हें राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे निगरानी और समन्वय अधिक प्रभावी होगा.
किसानों को भी मिलेगा लाभ
बैठक में बताया गया कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिनों तक रोजगार कार्यों से छूट का प्रावधान रखा गया है, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हों.
डिजिटल निगरानी से बढ़ेगी पारदर्शिता
योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित मॉनिटरिंग, रियल-टाइम डैशबोर्ड और अनिवार्य सोशल ऑडिट की व्यवस्था लागू की जाएगी. इससे कार्यों की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी.
जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि मिशन के सफल संचालन के लिए पंचायत स्तर पर संभावित परियोजनाओं की पहचान, लाभार्थियों का पंजीकरण, डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था और जन-जागरूकता अभियान समयबद्ध तरीके से शुरू किए जाएं. उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूर्व तैयारी करें.
खबर के प्रमुख आंकड़े
- 125 दिन – प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष रोजगार की गारंटी
- 60 दिन – बुआई एवं कटाई के मौसम में रोजगार कार्यों से छूट
- 100% डिजिटल मॉनिटरिंग – आधार आधारित सत्यापन, रियल-टाइम डैशबोर्ड और सोशल ऑडिट
- 4 प्रमुख फोकस क्षेत्र – जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्द्धन और जलवायु अनुकूल कार्य
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