Alternate Power Supply: वैशाली ग्रिड से बेलसर उपग्रिड को जोड़ने वाली 33 केवी बिजली लाइन इन दिनों चोरों के निशाने पर है. आपात स्थिति में बिजली आपूर्ति बहाल रखने के लिए तैयार रखी गयी इस वैकल्पिक लाइन के तार लगातार काटे जाने से बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
बीते गुरुवार की रात चोरों ने वैशाली थाना क्षेत्र के रहीमपुर चौर में करीब सवा किलोमीटर 33 केवी लाइन का तार काटकर चोरी कर लिया. घटना में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड यानी एनबीपीडीसीएल को करीब चार लाख रुपये की क्षति हुई है. लगातार दूसरी जगह तार चोरी की घटना सामने आने के बाद विभाग की चिंता बढ़ गयी है.
नगवां ग्रिड बनने से पहले वैशाली से होती थी बिजली आपूर्ति
नगवां पावर ग्रिड के निर्माण से पहले पटेढ़ी बेलसर उपग्रिड को वैशाली ग्रिड से ही 33 हजार वोल्ट की बिजली आपूर्ति की जाती थी. बाद में नगवां पावर ग्रिड बनने के बाद बेलसर उपग्रिड को नगवां से 33 केवी लाइन के जरिये बिजली मिलने लगी.
इसके बाद वैशाली-बेलसर 33 केवी लाइन को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बरकरार रखा गया. इसका उद्देश्य यह था कि नगवां पावर ग्रिड से किसी कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने पर वैशाली ग्रिड से बेलसर उपग्रिड को बिजली देकर प्रखंड क्षेत्र में आपूर्ति बहाल की जा सके.
सामान्य दिनों में इस वैकल्पिक लाइन का इस्तेमाल नहीं होने के कारण इसके कई हिस्से सुनसान इलाकों से होकर गुजरते हैं. ऐसे में तार चोरी की लगातार घटनाओं ने विभाग के सामने इसकी सुरक्षा को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है.
करनेजी चौर में भी काटा गया था एक किलोमीटर तार
रहीमपुर चौर की घटना से पहले 19 अगस्त को बेलसर थाना क्षेत्र के करनेजी चौर में भी 33 केवी लाइन को निशाना बनाया गया था. चोर करीब एक किलोमीटर बिजली का तार काटकर ले गये थे. इस दौरान बिजली के तीन पीएससी पोल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था.
इस घटना में एनबीपीडीसीएल ने करीब 3 लाख 6 हजार 100 रुपये की सामग्री क्षति होने का दावा किया था. लगातार दो अलग-अलग स्थानों पर बिजली तार काटे जाने से विभाग के सामने इस वैकल्पिक लाइन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं.
बिजली विभाग ने दर्ज करायी प्राथमिकी
करनेजी चौर में हुई तार चोरी के मामले में कनीय विद्युत अभियंता आदर्श के बयान पर बेलसर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. प्राथमिकी में पटेढ़ा जयराम गांव निवासी भोनू कुमार, सूरज साहनी समेत चार-पांच अज्ञात लोगों को आरोपित किया गया है.
विभाग की ओर से मामले में चोरी किये गये तार और क्षतिग्रस्त बिजली पोल से हुई क्षति का उल्लेख किया गया है. पुलिस अब प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच कर रही है.
वैकल्पिक लाइन ही बनी चोरों का आसान निशाना
वैशाली-बेलसर 33 केवी लाइन का इस्तेमाल नियमित रूप से नहीं होने के कारण सुनसान क्षेत्रों से गुजरने वाले इसके हिस्से चोरों के लिए आसान निशाना बन गये हैं. रात के समय तार काटकर चोरी की घटनाएं सामने आने के बाद विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
लगातार दो स्थानों पर तार चोरी से यह भी स्पष्ट हो रहा है कि वैकल्पिक लाइन की निगरानी बढ़ाने की जरूरत है. यदि चोरी की घटनाओं पर समय रहते रोक नहीं लगी, तो भविष्य में आपात स्थिति के दौरान यही लाइन बिजली विभाग के लिए परेशानी का कारण बन सकती है.
नगवां ग्रिड की आपूर्ति बाधित हुई तो बढ़ेगी परेशानी
वैशाली-बेलसर लाइन को आपातकालीन व्यवस्था के लिए सुरक्षित रखा गया है. नगवां पावर ग्रिड से बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में इसी वैकल्पिक लाइन के माध्यम से बेलसर उपग्रिड को बिजली देने की योजना है.
लेकिन तार चोरी के कारण लाइन के कई हिस्से प्रभावित होने से जरूरत पड़ने पर तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल करना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में विभाग के सामने एक ओर चोरी रोकने और दूसरी ओर वैकल्पिक लाइन को चालू हालत में रखने की चुनौती है.
