UPSC Success Story: हाजीपुर के सुमन सौरभ ने UPSC परीक्षा में किया कमाल, मिला 391वां रैंक

UPSC Success Story: सुमन सौरभ ने साल 2024 में यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा दिया था, जिसमें उन्हें सफलता मिली है. सुमन हाजीपुर में बाजितपुर के रहने वाले हैं. उनके पिता पेशे से इंजीनियर हैं.

UPSC Success Story: बिहार के हाजीपुर के सौरभ सुमन ने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में सफलता का परचम लहराया है. सुमन ने परिवार के साथ-साथ पूरे बिहार का नाम रौशन किया है. सौरभ का चयन भारतीय प्रसाशनिक सेवा(IAS) में हुआ है और उन्हें ऑल इंडिया रैंक 391 मिला है. सुमन बिदुपुर थाना क्षेत्र के बाजितपुर गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता का नाम सुनील कुमार है जो इंजीनियर हैं. उनके इस सफलता से परिवार के लोगों में और पूरे गांव में खुशी का माहौल है.

यूपीएससी 2024 में हुआ है चयन

मंगलवार को यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी किया गया है. इसमें बिहार के हाजीपुर के सौरभ सुमन का भारतीय प्रसाशनिक सेवा(IAS) में चयन हुआ है. इस टॉपर लिस्ट में कुल 1009 कैंडिडेट्स का नाम शामिल है.

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साल 2024 में जून और सितंबर में हुई थी परीक्षा

यूपीएससी सिविल सर्विस की प्रीलिम्स परीक्षा पिछले साल 2024 में 16 जून को हुई थी. इस परीक्षा में कुल 5,83,213 उम्मीदवार शामिल हुये थे. इसके बाद चयनित कुल 14 हजार 627 उम्मीदवार 20 से 29 सितंबर तक आयोजित हुए मेंस परीक्षा में शामिल हुए थे.

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आईएएस अधिकारी को मिलती हैं ये सुविधाएं

एक आईएएस अधिकारी को सरकार की तरफ से कई तहर की सुविधाएं दी जाती हैं, जो कि उनके सैलरी के अलावा होता है. इन सुविधाओं के तहत उन्हें सरकारी आवास, सरकारी गाड़ी, चिकित्सा सुविधाएं और पेंशन दिये जाते हैं. इसके साथ ही अधिकारी को कुक, गार्डेनर, सुरक्षा गार्ड और अन्य घरेलू स्टाफ की भी सुविधा दी जाती है. (हर्षित कुमार)

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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