बस स्टैंड विवाद पर पूर्व विधायक की सफाई, बोले- आरोप राजनीतिक साजिश, सीएम-डीजीपी से मांगेंगे सुरक्षा

रामाशीष चौक बस स्टैंड विवाद को लेकर पूर्व विधायक डॉ. मुकेश रौशन ने अपने ऊपर लगे मारपीट और लूट के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है और दावा किया है कि बस स्टैंड का संचालन पूरी तरह प्रशासन के अधीन है.

Hajipur News : हाजीपुर में रामाशीष चौक बस स्टैंड विवाद को लेकर पूर्व विधायक एवं राजद नेता डॉ. मुकेश रौशन ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक साजिश बताया. उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और उनके खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी में लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं.

मारपीट और लूट के आरोपों से किया इनकार

डॉ. मुकेश रोशन ने कहा कि उन पर लोगों के साथ मारपीट कराने और चेन लूट की घटना में संलिप्त होने का आरोप लगाया गया है, जबकि उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि वह पूर्व विधायक, पेशे से डॉक्टर और समाजसेवी हैं तथा इस तरह के कृत्य की कल्पना भी नहीं कर सकते.

आरोप लगाने वालों पर किया पलटवार

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि जो लोग उन पर आरोप लगा रहे हैं, वे स्वयं शराब के कारोबार और अन्य असामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं. ऐसे लोग उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से झूठे आरोप लगा रहे हैं.

बस स्टैंड संचालन प्रशासन के अधीन होने का दावा

रामाशीष चौक बस स्टैंड विवाद पर उन्होंने कहा कि वहां की टेंडर प्रक्रिया और संचालन पूरी तरह जिला प्रशासन के अधीन है. उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा जारी 18 रुपये की वसूली रसीद दिखाते हुए दावा किया कि बस स्टैंड पर शुल्क की वसूली प्रशासन की निगरानी में हो रही है, इसलिए इस मामले से उनका कोई संबंध नहीं है.

2021 में विधानसभा में उठाया था बस स्टैंड का मुद्दा

डॉ. मुकेश रोशन ने बताया कि महुआ के विधायक रहते हुए वर्ष 2021 में उन्होंने विधानसभा में रामाशीष चौक बस स्टैंड का मुद्दा उठाया था. इसके बाद सरकार ने हाजीपुर के सेंदुआरी स्थित चपुता में नए बस स्टैंड के निर्माण का निर्णय लिया था.

सीएम और डीजीपी से करेंगे सुरक्षा की मांग

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और कुछ लोग उनके साथ भी वैसी ही घटना की आशंका जता रहे हैं जैसी 6 मार्च 1993 को स्टेशन चौक पर उनके पिता की हत्या के समय हुई थी. उन्होंने कहा कि पूरे मामले को लेकर वह जल्द ही मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मिलकर लिखित आवेदन देंगे तथा अपनी सुरक्षा की मांग करेंगे. गौरतलब है कि समाहरणालय परिसर में रामाशीष चौक बस स्टैंड के टेंडर को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था. इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. एक पक्ष ने पूर्व विधायक डॉ. मुकेश रोशन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनका उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खंडन किया.


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By कैफ अहमद

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