hajipur news. सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं होने से परेशान हो रहे मरीज

रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में दो साल से नहीं हो रहा अल्ट्रासाउंड, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को अपना इलाज कराना मुश्किल हो रहा है

हाजीपुर. दो साल बीतने के बाद भी जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा बहाल नहीं हो सकी. स्थानीय सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिलने से मरीजों को परेशानी हो रही है. अस्पताल में पिछले दो वर्षों से अल्ट्रासाउंड बंद है और इसके लिए मरीजों को निजी सेंटरों में नाजायज कीमत चुकानी पड़ रही है. खासकर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को अपना इलाज कराना मुश्किल हो रहा है. सदर अस्पताल में जिले भर से प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. इनमें से 50 से अधिक मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें चिकित्सक अल्ट्रासाउंड कराने का परामर्श देते हैं. मरीजों को इसके लिए प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटरों में जाना पड़ता है, जहां उन्हें अपनी जेब ढीली कर एक हजार से 12 सौ रुपये तक खर्च करना पड़ता है. ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले सीधे-सादे मरीज यहां बिचौलियों के चक्कर में फंसकर प्राइवेट जांच सेंटरों में नाजायज रकम चुकाने को विवश होते हैं. बुधवार को अस्पताल के ओपीडी में इलाज कराने आये दिग्घी के मनोज कुमार, लालगंज प्रखंड के रिखर गांव की ममता देवी, हरौली के अरविंद कुमार आदि ने अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर की. इन मरीजों का कहना था कि सदर अस्पताल में आने वाले रोगियों का बेहतर इलाज हो, इसके लिए राज्य सरकार की ओर से सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. पैथोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल जांच की सुविधा रोगियों को निशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था है. इसके बावजूद यहां लंबे समय से अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहा है. अस्पताल प्रशासन यह सुविधा बहाल करने को लेकर थोड़ा भी गंभीर नहीं है. मालूम हो कि सदर अस्पताल में पदस्थापित अल्ट्रासोनोग्राफी के चिकित्सक का वर्ष 2023 के अप्रैल महीने में यहां से तबादला हो गया. उनकी जगह पर नये रेडियोलॉजिस्ट की पोस्टिंग नहीं होने से यहां अल्ट्रासाउंड बंद हो गया. कामचलाऊ व्यवस्था के तहत सिर्फ गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. वहीं, अन्य रोगी इस सुविधा से वंचित हो रहे हैं. मामले में अस्पताल प्रबंधक मजहर अली ने कहा कि सदर अस्पताल में अल्ट्रासोनोग्राफी के चिकित्सक का पद दो वर्षों से खाली है. चिकित्सक के अभाव में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है. सिर्फ गर्भवती महिलाओं के लिए यह सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है. ऐसी महिलाओं का अल्ट्रासाउंड अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ, जो अल्ट्रासोनोग्राफी की जानकार हैं, के द्वारा किया जा रहा है. इस समस्या के बारे में विभाग को लिखा गया है. अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की पोस्टिंग होते ही मरीजों को यह सुविधा मिलने लगेगी.

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