सड़क पर दाह संस्कार मामले में थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक

. गोरौल प्रखंड के अंधारी गाछी चौक के बीच सड़क पर महादलित महिला का दाह संस्कार प्रकरण में डीएम ने संज्ञान लेते हुए स्थानीय सीओ, बीडीओ और थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही डीएम वर्षा सिंह ने तीनों पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण भी तलब किया है.

गोरौल. गोरौल प्रखंड के अंधारी गाछी चौक के बीच सड़क पर महादलित महिला का दाह संस्कार प्रकरण में डीएम ने संज्ञान लेते हुए स्थानीय सीओ, बीडीओ और थानाध्यक्ष के वेतन पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही डीएम वर्षा सिंह ने तीनों पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण भी तलब किया है. मामले की गंभीरता देखते हुए शुक्रवार के दिन डीएम वर्षा सिंह और एसपी विक्रम सिहाग दल बल के साथ मौके पर पहुंचे. इस दौरान घटनास्थल से श्मशान तक डीएम और एसपी पैदल गये और पूरे स्थल का निरीक्षण किया. मामले को गंभीरता को देखते हुए सभी अधिकारियों एवं स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ श्मशान तक के रास्ते का मुआयना किया. श्मशान तक जाने के मार्ग को लेकर रैयतों से भी बातचीत हुई और आज से वो रास्ता खुल जायेगा. डीएम ने बताया कि इस मामले में स्थानीय सीओ, बीडीओ और थानाध्यक्ष के वेतन पर रोका गयी है. साथ ही तीनों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है कि किस परिस्थिति में यह घटना हुई. इन्होंने बताया कि इस मामले में स्वयं एसपी के साथ स्थलीय निरीक्षण किया है. मार्ग को लेकर रैयतों से बातचीत हुई है, शनिवार से काम शुरु हो जायेगा और वहां तक जाने का रैयतों द्वारा रास्ता देने पर सहमति दी गयी है. वही इस संबंध में ग्रामीण अजबलाल राय ने बताया उनके दादा स्वर्गीय बनबारी राय ने सन 1950 में श्मशान के लिए 22 कट्ठा भूमि दान में दिया था. लेकिन मात्र 10 कठ्ठे जमीन को ही श्मशान हेतु चहारदीवारी का निर्माण किया गया. शेष जमीन को छोड़ दिया, जिसे आसपास के लोग अतिक्रमण कर तंबाकू की खेती करने लगे. वही दुकानदार राज कुमार सिंह, सरवन कुमार, ब्रमदेव राय, पवन कुमार, शंकर ठाकुर, बिट्टू साह, पंकज कुमार, प्रभु राय, मनीष ठाकुर, पवन साह ने बताया कि शव जलाने के दौरान दुकान को बंद कर दिया गया था. शव को श्मशान ले जाने के क्रम में बराबर विवाद होते रहता है. पंचायत स्तर से एक सोलिंग सड़क का निर्माण भी कराया गया, लेकिन उसे मुख्य सड़क में जोड़ा नहीं गया. शिव मंदिर के पीछे से सोलिंग कर दिया गया. गांव से श्मशान तक जाने के लिए बिल्कुल ही रास्ता नहीं है. श्मशान के चारों तरफ तम्बाकू की फसल लगा हुआ है. कोई भी किसान अपने तंबाकू की फसल होकर शव को जाने नहीं देना चाहते हैं. वही निरीक्षण के लिये पहुंची डीएम ने उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से राय मशविरा कर इसके निूटारे का सुझाव दिया है. हालाकि, मापी भी करा ली गई है, लेकिन इसका खुलासा नहीं किया गया है. जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने अंधारी गाछी चौक से ही श्मशान तक जाने के लिए रास्ता निकालने की तैयारी कर रहा है. मालूम हो कि गुरुवार को सोंधो मुबारकपुर गांव निवासी दहाउर मांझी की पत्नी झपसी देवी की मौत हो गयी थी. परिजनों ने शव को दाह संस्कार के लिए श्मशान में ले जा रहा था कि जमीन मालिक अपने खेत होकर शव को नही ले जाने दे रहे थे. इसी पर मृतक के परिजन भड़क गए और शव को बीच चौक पर ही रखकर जला दिया. मामले की जानकारी पर डीएम वर्षा सिंह, एसपी विक्रम सिहाग, डीडीसी कुंदन कुमार, एसडीपीओ सुबोध कुमार, संजीव कुमार, उपसमाहर्ता खुशबू पटेल, बीडीओ पंकज कुमार निगम, सीओ दिव्या चंचल के साथ अंचल अमीन राजस्व कर्मचारी पहुंचे थे.

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Author: DEEPAK MISHRA

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