hajipur news . दर्जनों गांवों में खेतों में लगी फसल बर्बाद कर रहे नीलगाय

करताहां बुजुर्ग, पंचदमिया, पुरखौली, टोटहां, खरौना, गुरमिया, भटौली भगवान आदि दर्जनों गांव के किसान नीलगाय के उत्पात से काफी परेशान दिख रहे हैं

लालगंज . लालगंज प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गांव के किसान नीलगायों से परेशान हैं. करताहां बुजुर्ग, पंचदमिया, पुरखौली, टोटहां, खरौना, गुरमिया, भटौली भगवान आदि दर्जनों गांव के किसान नीलगाय के उत्पात से काफी परेशान दिख रहे हैं. नीलगाय किसानों की फसल को बर्बाद कर रहे हैं. नीलगायों के उत्पात से सबसे अधिक परेशान फूलगोभी बीज और गेहूं उत्पादक किसान परेशान दिख रहे हैं. उनके खेतों में घुसकर नीलगाय उनकी फसलों को चट कर जा रहे हैं. वहीं, तंबाकू की खेती करने वाले किसान भी काफी परेशान हैं. उनके खेतों से गुजरने के दौरान नीलगाय फसल को रौंद कर बर्बाद कर रहे दे रहे हैं. किसानों के अनुसार नीलगायों का झुंड गेहूं के साथ-साथ हरी सब्जी की फसल को बर्बाद कर दे रहे हैं. नीलगायाें के उत्पात की वजह से किसानों के समक्ष अपने फसल को बचाये रखने की चुनौती खड़ी हो गयी है. इस क्षेत्र के किसान काफी मात्रा में गेहूं, मक्का, तंबाकू के अलावा बैगन, फूलगोभी, टमाटर आदि के फसलों की खेती करते हैं. किसानों के अनुसार नीलगायों के आतंक की वजह से खेती का सौदा उनके लिए काफी महंगा साबित होने लगा है. किसानों ने प्रशासन से नीलगायों के उत्पात से निजात दिलाने की मांग की है. अखिल भारतीय किसान महासभा की प्रेमा देवी ने जिला प्रशासन किसानों के हित में नीलगायों को पकड़वा कर, किसी अन्यत्र निर्जन स्थान पर या फिर पास के जंगलों में छोड़ने की मांग की है. साथ ही पिछले दस साल से नीलगाय की वजह से हो रही क्षति का मुआवजा किसानों को सरकार से दिलाने की मांग की है. बिहार किसान संघर्ष मोर्चा के अवधेश कुमार बताते हैं कि किसान महंगे दर पर खाद बीज व कीटनाशकों की खरीदारी कर खेती करते हैं. उन फसलों को नीलगाय बर्बाद कर देते हैं. किसान विजय कुशवाहा ने सरकार से नीलगायों को पकड़ कर जंगल में छोड़ने की मांग की है.

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