Hajipur News: पातेपुर प्रखंड के मालपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-6 में नलजल योजना के दुरुपयोग का मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय जमीन मालिक द्वारा विभागीय जेई की मिलीभगत से नलजल योजना के लिए लगाए गए समर्सिबल का उपयोग खेतों की सिंचाई में किया जा रहा है. इससे वार्ड के लोगों को नियमित रूप से पेयजल नहीं मिल पा रहा है.
नलजल योजना से खेतों की हो रही सिंचाई
ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड संख्या-6 में पीएचईडी विभाग द्वारा नलजल योजना के तहत समर्सिबल और स्ट्रक्चर लगाया गया था, जिससे लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद थी. लेकिन अब उसी समर्सिबल से दिनभर खेतों की सिंचाई की जा रही है. ग्रामीणों के अनुसार खेतों में पानी देने के कारण वार्ड के लोगों को समय पर जलापूर्ति नहीं हो पाती, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
जेई पर मिलीभगत का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यह सब संबंधित जेई की मिलीभगत से हो रहा है. लोगों ने बताया कि मामले की शिकायत फोन के माध्यम से संबंधित कर्मियों को भी दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
विभाग को उठाना पड़ रहा बिजली बिल का खर्च
ग्रामीणों का कहना है कि नलजल योजना का उद्देश्य लोगों को पेयजल उपलब्ध कराना है, लेकिन इसका उपयोग कृषि कार्य में किया जा रहा है. इससे बिजली की खपत बढ़ रही है और उसका भुगतान पीएचईडी विभाग को करना पड़ रहा है, जिससे सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है.
लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
नियमित जलापूर्ति नहीं होने से वार्ड के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर नलजल योजना को दुरुस्त कर रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर लापरवाही और दुरुपयोग के कारण योजना का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है.
शिकायत मिलने पर जांच की बात
इस संबंध में पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि नलजल योजना के समर्सिबल से खेतों की सिंचाई किए जाने की कोई लिखित शिकायत विभाग को प्राप्त नहीं हुई है. हालांकि मामले की जानकारी मिली है और इसकी जांच कराई जाएगी.
