Hajipur Crime News : हाजीपुर लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के नेता और सिनेमा कारोबारी रोहित कुमार उर्फ अंटू इशर को मंगलवार की शाम बिहार एसटीएफ, डीआईयू और समस्तीपुर नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने समस्तीपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया. हाजीपुर कोर्ट द्वारा हत्या के एक मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद से पुलिस उनकी तलाश कर रही थी. पिछले कई दिनों से गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी.
घर को चारों तरफ से घेरकर हुई गिरफ्तारी
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर मंगलवार को संयुक्त टीम अंटू इशर के आवास पर पहुंची और मकान को चारों तरफ से घेर लिया. पुलिस के अनुसार, खुद को घिरता देख आरोपित ने कमरे में खुद को बंद कर लिया और दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया.
स्थिति को देखते हुए मजिस्ट्रेट के रूप में समस्तीपुर के सीओ आदित्य शंकर को मौके पर बुलाया गया. उनकी मौजूदगी में पुलिस ने कमरे का ताला तोड़कर आरोपित को बाहर निकाला. इसके बाद उसे देर रात स्थानीय थाने ले जाया गया.
हथियार बरामदगी को लेकर पूछताछ
पुलिस हथियार बरामदगी को लेकर अंटू इशर से पूछताछ कर रही है. पुलिस के अनुसार, हथियार को लेकर पूछताछ के दौरान आरोपित की ओर से अभी तक संतोषजनक जानकारी नहीं दी गयी है. पुलिस मामले में अन्य साक्ष्यों और आरोपित की भूमिका की भी जांच कर रही है.
महात्मा गांधी सेतु के पास मिला था शव
गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र में महात्मा गांधी सेतु के पास 18 फरवरी को एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू की. जांच में मृतक की पहचान जहानाबाद निवासी भानु सिंह के रूप में हुई.
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि 17 फरवरी को भानु सिंह अपने साथियों के साथ ऑल्टो कार से समस्तीपुर के बहादुरपुर पहुंचा था. वहां लोजपा नेता के घर पर गोलीबारी हुई थी. पुलिस के अनुसार, जवाबी गोलीबारी में कार सवार भानु सिंह को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया.
इलाज के दौरान हुई थी जहानाबाद के भानु की मौत
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद भानु के साथी उसे इलाज के लिए समस्तीपुर से महुआ और हाजीपुर के रास्ते पटना के एक निजी अस्पताल ले गये थे. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. इसके बाद उसके साथी शव को कार में रखकर महात्मा गांधी सेतु के पाया नंबर एक के पास पहुंचे और वाहन को वहीं छोड़कर फरार हो गये.
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ायी. जांच के दौरान पुलिस मृतक के एक दोस्त तक पहुंची. उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी, जिसके बाद पुलिस के अनुसार घटना का खुलासा हुआ और तीन अन्य लोगों की गिरफ्तारी की गयी.
अंटू इशर के हथियार से गोली लगने का दावा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह बात सामने आयी कि भानु सिंह को अंटू इशर के हथियार से गोली लगी थी. इसी आधार पर पुलिस ने अंटू इशर की तलाश शुरू की और कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही थी.
पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अंटू इशर का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है. पुलिस का कहना है कि दिल्ली और बिहार के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी समेत करीब एक दर्जन गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. फिलहाल एसटीएफ और गंगा ब्रिज थाना पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. हथियार की बरामदगी और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है.
