Hajipur News: वैशाली जिले के देसरी प्रखंड अंतर्गत आजमपुर पंचायत के खड़गपुर गांव में आई भीषण बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने रविवार को जिलाधिकारी वर्षा सिंह एवं स्थानीय विधायक महेंद्र राम पहुंचे. दोनों ने संयुक्त रूप से जलमग्न इलाकों और राहत शिविरों का सघन निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों ने सामुदायिक रसोई में भोजन कर रहे बाढ़ पीड़ितों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का हाल जाना. मौके पर मौजूद महिलाओं ने भोजन की गुणवत्ता पर संतोष जताया, लेकिन मवेशियों के लिए चारे की गंभीर किल्लत की बात कही. इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल पर्याप्त मात्रा में पशु चारा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
खड़गपुर में बाढ़ पीड़ितों से मिले डीएम और विधायक
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल कैंप नहीं लगाए जाने की गंभीर शिकायत दर्ज कराई, जिस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए डीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के खिलाफ स्पष्टीकरण (शो-कॉज) जारी करने का आदेश दिया. इसके साथ ही डीएम ने तटबंधों की मजबूती का जायजा लिया और बीते दिनों करंट की चपेट में आने से जान गंवाने वाले गुलशन ठाकुर के परिजनों से मिलकर सांत्वना व्यक्त की तथा दो दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को आपदा मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
बिलट चौक सुलिस गेट पर कचरा देख भड़कीं डीएम
निरीक्षण के क्रम में स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि बिलट चौक स्थित सुलिस गेट पर भारी मात्रा में कचरा फंस जाने से पानी की निकासी बाधित हो रही है और गेट पर भारी जल दबाव बन रहा है. सूचना मिलते ही डीएम वर्षा सिंह बिलट चौक सुलिस गेट पहुंचीं. वहां पानी के ऊपर जलकुंभी और कचरे का भारी अंबार देखते ही डीएम का पारा चढ़ गया और उन्होंने मौके पर मौजूद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों व अभियंताओं की जमकर क्लास लगाई.
30 मिनट में जेसीबी से हुई सफाई
डीएम ने सख्त लहजे में सवाल किया, "इतने दिनों से आप लोग क्या कर रहे थे? इतना कचरा कैसे जमा हो गया और इसे हटाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए?" डीएम की कड़ी फटकार और अल्टीमेटम के बाद प्रशासन हरकत में आया. स्थानीय एसडीओ अंकित कुमार, डीएसपी प्रवीण कुमार, सीओ कुमारी आंचल और बीडीओ मोनिका कुमारी ने तत्काल जेसीबी मंगवाई और युद्धस्तर पर सफाई अभियान शुरू कराया. डीएम की फटकार के महज 30 मिनट के भीतर सारा कचरा बाहर निकाल दिया गया और नहर का पानी सुचारू रूप से बहने लगा.
लगातार सक्रिय हैं विधायक महेंद्र राम
स्थानीय विधायक महेंद्र राम बाढ़ के पहले दिन से ही प्रभावित क्षेत्रों में मुस्तैद रहकर राहत कार्यों की कमान संभाले हुए हैं. वे लगातार खड़गपुर सामुदायिक किचन शेड में उपस्थित रहकर भोजन वितरण और गुणवत्ता की स्वयं निगरानी कर रहे हैं. जहां-कहीं से भी तटबंधों में रिसाव की सूचना मिल रही है, वे तुरंत वरीय प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित कर मरम्मत कार्य सुनिश्चित करा रहे हैं. आजमपुर पंचायत के खोरमपुर गांव (वार्ड संख्या 7) के बाढ़ पीड़ितों ने खड़गपुर की दूरी अधिक होने के कारण वहां भोजन के लिए जाने में असमर्थता जताई थी, जिसे देखते हुए विधायक ने तुरंत पहल कर खोरमपुर में अलग से किचन शेड शुरू करवाया और अपने स्तर से भी पीड़ितों के बीच सूखा राशन व पॉलीथिन शीट्स का वितरण कराया.
विस्थापितों के लिए 10 अस्थाई शौचालयों का निर्माण
विधायक महेंद्र राम ने जानकारी दी कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के माध्यम से तटबंधों और ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए बाढ़ पीड़ितों की सुविधा के लिए 10 अस्थाई शौचालयों का निर्माण कराया गया है, ताकि स्वच्छता बनी रहे और संक्रामक बीमारियों का खतरा न फैले. उन्होंने कहा कि पीड़ितों की हर छोटी-बड़ी आवश्यकता का ध्यान रखा जा रहा है और प्रशासनिक तंत्र के माध्यम से उसे पूरा कराया जा रहा है. इस निरीक्षण और राहत अभियान के दौरान मुख्य रूप से एसडीओ अंकित कुमार, डीसीएलआर, डीएसपी प्रवीण कुमार, सीओ कुमारी आंचल, बीडीओ मोनिका कुमारी, रवींद्र राय, गौरव कुमार, लगनदेव राय, विजय सिंह, पूर्व मुखिया अवधेश सिंह, बीस सूत्री अध्यक्ष हरेंद्र सिंह सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक कर्मी उपस्थित रहे.
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