Hajipur News : बाढ़ प्रभावित राघोपुर प्रखंड की जाफराबाद टोक पंचायत में पशु चारा और पॉलीथिन शीट नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने सरपंच विजय राय के घर पहुंचकर हंगामा किया. ग्रामीणों ने कहा कि वे कई दिनों से बाढ़ की चपेट में हैं, लेकिन राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही हैं. ग्रामीणों ने पंचायत के जनप्रतिनिधि होने के नाते सरपंच से उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने की मांग की.
पशु चारा और पॉलीथिन शीट नहीं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों का कहना था कि बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हैं. पर्याप्त नाव की व्यवस्था नहीं होने के साथ पॉलीथिन शीट और पशु चारा जैसी राहत सामग्री भी नहीं मिल रही है. बाढ़ के पानी से घिरे लोगों के सामने रहने और मवेशियों को बचाने की समस्या बनी हुई है.
सरपंच ने डीएम, सीओ और बीडीओ को भेजा पत्र
ग्रामीणों के हंगामे के बाद सरपंच विजय राय ने लोगों को आश्वासन दिया. इसके बाद उन्होंने डीएम, सीओ और प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र लिखकर बाढ़ प्रभावित लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की. सीओ को दिये आवेदन में उन्होंने बताया कि बाढ़ के पानी से पशुओं का चारा और फसलें पूरी तरह नष्ट हो गयी हैं.
ऊंचे स्थानों और बांध पर शरण लेने को मजबूर लोग
सरपंच के अनुसार चारों तरफ पानी होने के कारण कई परिवार अपने मवेशियों के साथ ऊंचे स्थानों और बांध पर शरण लिये हुए हैं. टेंट लगाने के लिए पॉलीथिन शीट नहीं होने से लोगों को तेज धूप में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है. वहीं, कई दिनों से पशुओं के लिए पर्याप्त चारा नहीं मिलने की भी समस्या बनी हुई है.
चारे के अभाव में दुधारू पशुओं ने दूध देना किया कम
ग्रामीणों के अनुसार चारे की कमी के कारण कई पशु भूखे हैं. दुधारू पशुओं के दूध उत्पादन में कमी आने से पशुपालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है. ऐसे में बाढ़ प्रभावित परिवारों ने तत्काल पशु चारा उपलब्ध कराने की मांग की है.
1000 टन पशु चारा और 500 पॉलीथिन शीट की मांग
सरपंच विजय राय ने सीओ से जल्द से जल्द 1000 टन पशु चारा और 500 पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराने की मांग की है. उनका कहना है कि इससे बाढ़ में फंसे पशुओं को चारा मिल सकेगा और प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से रहने में राहत मिलेगी.
राहत सामग्री वितरण में धांधली का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
मालूम हो कि अंचल स्तर पर पॉलीथिन शीट का वितरण स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किया गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ जनप्रतिनिधियों ने अपने समर्थकों को पॉलीथिन शीट वितरण में प्राथमिकता दी. प्रखंड की विभिन्न पंचायतों के लोगों ने भी राहत सामग्री वितरण में अनियमितता का आरोप लगाया है.
अधिकारियों की मौजूदगी में राहत सामग्री बांटने की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि पॉलीथिन शीट और अन्य राहत सामग्री का वितरण अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में कराया जाये. उनका कहना है कि प्रशासन की निगरानी में वितरण होने से पारदर्शिता बनी रहेगी और जरूरतमंद बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंच सकेगी.
