hajipur news. धूल के गुबार से विजिबिलिटी की समस्या, सांस व आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा

विभिन्न निर्माण परियोजनाओं से शहर में उड़ते धूल से हो रही परेशानी, धूल से लोगों को हो रही परेशानियों के बावजूद पानी के छिड़काव की व्यवस्था नहीं

हाजीपुर. शहर में कहीं टूटी हुई सड़कें, तो कहीं सड़क समेत विभिन्न निर्माण परियोजनाओं को लेकर सड़क पर उड़ती धूल की वजह से लोगों को जीना दुश्वार हो गया है. सड़क पर उड़ती धूल की वजह से राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. सबसे ज्यादा परेशानी बाइक चालकों को हो रही है. तेज हवा या बड़ी गाड़ियों के गुजरने की वजह से अचानक धूल का गुबार उठ जाता है, इसकी वजह से उन्हें सामने देखने में काफी परेशानी होती है. शहर की सड़कों व एनएच पर उड़ती धूल की वजह से एक ओर जहां लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ती है, वहीं इसकी वजह सांस और आंख संबंधित बीमारियों का खतरा भी काफी हद तक बढ़ गया है. सेंट्रल पॉल्यूशन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार रविवार को हाजीपुर शहर का एक्यूआइ 112 रहा. हवा की यह गुणवत्ता स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से खतरनाक मानी जाती है.

हाजीपुर-पटना और हाजीपुर-छपरा मार्ग पर सबसे ज्यादा असर

मालूम हो कि शहर की सड़कों पर बने गड्ढे से तो राहगीर पहले ही परेशान हो रहे थे, अब उड़ती धूल का भी सामना करना पड़ रहा है. सबसे ज्यादा परेशानी हाजीपुर-पटना व हाजीपुर-छपरा मार्ग पर होती है. हाजीपुर-छपरा मार्ग पर बीएसएनएल गोलंबर से लेकर नया गंडक पुल तक तथा हाजीपुर-पटना मार्ग पर बीएसएनएल गोलंबर से गांधी सेतु तक सड़क पर हर वक्त धूल का गुबार छाया रहता है. कई बार तो तेज हवा के झोंके की वजह अचानक धूल का गुबार इस कदर छा जाता है कि 15-20 फीट की दूरी पर भी स्पष्ट देखना मुश्किल हो जाता है. लगातार उड़ रही धूल से लोगों को हो रही परेशानियों के बावजूद इसकी रोकथाम या पानी की छिड़काव की कोई कारगर व्यवस्था नहीं की जा रही है.

धूल से बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित

फिजीशियन शिशिर कुमार बताते हैं कि धूल से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. दमा के रोगियों के लिए सड़कों पर उड़ रही धूल भारी पड़ रही है. त्वचा संबंधी रोग भी धूल से हो जाते हैं. धूल से भारी एलर्जी भी हो जाती है. शिशु रोग विशेषज्ञ चंदन बताते हैं कि धूल सभी वर्ग के लोगों के लिए खतरनाक है, लेकिन यह बच्चों को ज्यादा प्रभावित करती है. जब बच्चों का शरीर प्रदूषित हवा में मौजूद हानिकारक तत्वों के संपर्क में आता है, तो इसका सीधा असर उनकी इम्यूनिटी पर होता है. इससे वे बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं और सामान्य सर्दी, खांसी जैसी बीमारियां जल्दी होती हैं.

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By Shashi kant kumar

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