Raghopur floods Schools Closed : हाजीपुर में गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर से राघोपुर दियारा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गंभीर हो गया है. तेजी से फैल रहे पानी ने निचले इलाकों में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. कई दुकानों में पानी घुस गया है और ग्रामीण सड़कों पर घुटने से अधिक पानी जमा है. बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए 13 विद्यालयों में तत्काल पठन-पाठन बंद कर दिया गया है, जबकि प्रभावित इलाकों में नावों का परिचालन शुरू किया गया है.
गंगा का पानी बढ़ा, राघोपुर में बाढ़ का खतरा गंभीर
गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से राघोपुर दियारा क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है. बाढ़ का असर बाजार और ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है. कई जगह दुकानों में पानी प्रवेश कर गया है, जिससे स्थानीय कारोबार भी प्रभावित हुआ है.
कई ग्रामीण सड़कों पर घुटने से अधिक पानी
बिंदा मार्केट से विश्राम टोला जाने वाली सड़क पर घुटने से अधिक पानी जमा हो गया है. फतेहपुर-खालसा घाट सड़क भी कई स्थानों पर डूब गयी है. शिवनगर-विश्राम टोला और रुस्तमपुर-वीरपुर मार्ग पर भी पानी चढ़ने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है.
निर्माणाधीन सिक्स लेन पुल के पास भी बढ़ी परेशानी
निर्माणाधीन कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन पुल के पाया संख्या 29 के पास सड़क कटने से लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है. पुल के कई पायों के आसपास भी पानी फैल गया है. इससे इलाके में आवागमन को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है.
कई गांवों में पहुंचा बाढ़ का पानी
चक सिंगार, शिवनगर, जुड़ावनपुर, सरायपुर, वीरपुर और जहांगीरपुर समेत गंगा किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ का असर दिख रहा है. निचले इलाकों में पानी बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है और कई परिवार सुरक्षित स्थान की तैयारी में जुट गये हैं.
किसानों की हजारों एकड़ फसल पानी में डूबी
बढ़ते पानी का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है. हजारों एकड़ में लगी मक्का, जनेरा और सब्जियों की फसल पानी में डूब गयी है. फसलों के डूबने से किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है.
पशुपालकों के सामने चारे का संकट
बाढ़ के पानी के फैलने से पशुपालकों के सामने चारे की समस्या भी खड़ी हो गयी है. दियारा क्षेत्र के लोगों को अपने परिवार के साथ मवेशियों की सुरक्षा की भी चिंता सता रही है. कई ग्रामीण परिवार और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं.
बच्चों की सुरक्षा के लिए 13 स्कूलों में पढ़ाई बंद
पानी और खराब आवागमन के कारण बच्चों को विद्यालय पहुंचने में हो रही परेशानी को देखते हुए राघोपुर के 13 विद्यालयों में तत्काल पठन-पाठन बंद कर दिया गया है. संबंधित शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों में प्रतिनियोजित किया गया है.
जलस्तर और आवागमन देखकर आगे होगा फैसला
प्रशासन ने कहा है कि जलस्तर और आवागमन की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. परिस्थितियों के अनुसार आगे भी आवश्यक निर्णय लिये जाएंगे. बच्चों की सुरक्षा को प्रशासन ने प्राथमिकता दी है.
प्रभावित इलाकों में नावों का परिचालन शुरू
अंचल प्रशासन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में नावों का परिचालन शुरू कर दिया गया है. चक सिंगार में छह, हरिजन टोला में दो, वीरपुर में दो, सरायपुर में छह और लंका टोला में दो नावें चलायी जा रही हैं.
रुस्तमपुर और जमींदारी घाट पर बड़ी नावें तैनात
रुस्तमपुर घाट और जमींदारी घाट पर तीन-तीन बड़ी नावें भी संचालित की जा रही हैं. इन नावों के माध्यम से प्रभावित इलाकों में आवागमन और आवश्यक सहायता पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है.
रुस्तमपुर घाट पर एसडीआरएफ की दो टीमें तैनात
रुस्तमपुर घाट पर दो एसडीआरएफ टीमों की तैनाती की गयी है. प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर रहे हैं और बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रहे हैं.
गंगा-गंडक के जलस्तर पर प्रशासन की नजर
जिले में गंगा और गंडक के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट है. लालगंज में गंडक खतरे के निशान 50.50 मीटर से 14 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जबकि पटना के गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान 48.60 मीटर से 94 सेंटीमीटर ऊपर है. दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि जारी बतायी गयी है.
छह प्रखंडों के दियारा क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
राघोपुर, बिदुपुर, हाजीपुर सदर, महनार, सहदेई बुजुर्ग और देसरी के दियारा तथा निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों की लगातार जानकारी ले रहा है.
तटबंधों की निगरानी में जुटे अधिकारी और जवान
तटबंधों की निगरानी के लिए जल संसाधन विभाग के अभियंता और तकनीकी कर्मियों के साथ गृह रक्षा वाहिनी के जवानों को भी लगाया गया है. प्रशासन का फोकस तटबंधों की स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने पर है.
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