रैलीक स्तूप पार्क की चाहरदीवारी निर्माण में अनियमितता, निर्माण में गुणवत्ता से समझौते का आरोप, जांच की मांग तेज

Hajipur News : वैशाली में निर्माण कार्य पर बवाल, ग्रामीणों ने जताई अनियमितता की आशंका. विरोध प्रदर्शन, जांच की मांग.

वैशाली (हाजीपुर) से दीपक कुमार श्रीवास्तव की रिपोर्ट
Hajipur News : वैशाली के ऐतिहासिक रैलीक स्तूप पार्क की चाहरदीवारी निर्माण कार्य में कथित रूप से घटिया सामग्री के उपयोग एवं निर्माण मानकों की अनदेखी को लेकर रविवार को ग्रामीणों ने वैशाली विकास संघ के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर कार्य का निरीक्षण किया तथा मामले की जांच और कार्रवाई की मांग संबंधित विभाग से की है. ग्रामीण जयप्रकाश कुमार धर्मनाथ साह, चंद्र भूषण चौबे संजीव कुमार,विरेन्द्र साह, रंजीत सहनी, विक्रम, गनौर सहनी, राजेन्द्र राय आदि का आरोप है कि चाहरदीवारी निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है. उनका कहना है कि पूर्व में निर्मित चाहरदीवारी की तर्ज पर चारों ओर एक समान डिजाइन बनाया जाना था लेकिन वर्तमान निर्माण कार्य में डिजाइन संबंधी अनियमितताएं बरती जा रही हैं.

बालू-सीमेंट अनुपात में गड़बड़ी से निर्माण कमजोर

साथ ही बालू और सीमेंट के अनुपात में गड़बड़ी के कारण प्लास्टर हाथ लगाने मात्र से टूटकर गिर रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि जब निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार से परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) दिखाने की मांग की गई तो उन्होंने इसे उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस दौरान ठेकेदार की ओर से अभद्र व्यवहार भी किया गया, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), पटना अंचल के अधीन लगभग 40 लाख रुपये की लागत से यह निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी के.पी. इंटरप्राइजेज, पटना को दी गई है.

10 फीट की जगह 6–7 फीट नींव, पुराने ईंट और कम सरिया इस्तेमाल का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है, जिससे ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा और मजबूती पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने बताया कि फरवरी माह में निर्माण कार्य शुरू होने के समय भी अनियमितताओं को लेकर शिकायत की गई थी. उस दौरान यह आरोप लगाया गया था कि प्राक्कलन के अनुसार जहां चाहरदीवारी के लिए 10 फीट गहरी नींव की खुदाई होनी थी, वहां मात्र 6 से 7 फीट तक ही खुदाई की गई. इसके अलावा पिलर निर्माण में निर्धारित 12 एमएम सरिया के स्थान पर 10 एमएम सरिया तथा पुराने ईंटों के उपयोग की शिकायत भी की गई थी.

पर्यटन स्थल रैलीक स्तूप में अनियमितता पर बवाल, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

बालू सहित अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए थे. वैशाली विकास संघ के सदस्यों ने कहा कि रैलीक स्तूप वैशाली का एक प्रमुख ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थल है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. ऐसे महत्वपूर्ण स्थल पर किसी भी प्रकार की निर्माण अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती. संघ ने संबंधित विभागों से निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित कराने की मांग की है.

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By Yuvraj Ratan

पटना जन्मस्थली है मेरी, निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित आधारित पत्रकारिता में विश्वास करता हूं. वर्तमान में मेरा उद्देश्य बिहार के स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाना और पाठकों तक सत्यापित जानकारी पहुंचाना है. किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले उपलब्ध तथ्यों और स्रोतों का सत्यापन करना मेरी प्राथमिकता है. पाठकों को विश्वसनीय, निष्पक्ष और जनहितकारी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हूं.

प्राथमिक शिक्षा संत जेवियर्स हाई स्कूल, पटना से पूरी करने के बाद संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नॉलजी से बैचलर्स ऑफ मास कम्यूनिकेशन से स्नातक किया हूं. 2020 से पटना स्थित मीडिया संस्थान न्यूज 4 नेशन में एंकर सह प्रोड्यूसर के पद पर डेढ़ वर्षों तक काम किया. इसके उपरांत जून 2022 से इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर रहते हुए डिजिटल कम्यूनिकेशन टीम में कार्य करने का मौका मिला. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के पद पर हूं इसके माध्यम से नागरिकों के पास तथ्यात्मक और सही सूचनाएँ, खबर और अपडेट देने का कार्य कर रहा हूं.

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