Hajipur News: (कैफ अहमद) वैशाली जिले में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। जिला प्रशासन की निगरानी के बावजूद गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी बुरी तरह प्रभावित हो गई है। उपभोक्ताओं को कई-कई दिनों तक सिलेंडर का इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे लोग अब सीधे गैस एजेंसियों और गोदामों पर पहुंचकर सिलेंडर लेने को मजबूर हैं.
जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की कुल 67 गैस एजेंसियों के माध्यम से 8 लाख 6 हजार 738 घरेलू उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति की जाती है। इनमें इंडियन ऑयल के सबसे अधिक उपभोक्ता हैं.
दस दिनों में तेजी से गिरी गैस आपूर्ति
जिला प्रशासन की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पिछले दिनों तक जिले में प्रतिदिन 12 से 13 हजार गैस सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही थी.
तिथि अनुसार गैस सिलेंडर आपूर्ति
- 08 मई — 12,631 सिलेंडर
- 10 मई — 12,624 सिलेंडर
- 11 मई — 13,109 सिलेंडर
- 13 मई — 12,039 सिलेंडर
- 14 मई — 13,146 सिलेंडर
- 15 मई — 12,624 सिलेंडर
- 16 मई — 10,002 सिलेंडर
- 18 मई — मात्र 3,570 सिलेंडर
आंकड़ों से साफ है कि महज दस दिनों में गैस आपूर्ति में करीब 9 हजार सिलेंडरों की भारी गिरावट दर्ज की गई है.
लंबित बुकिंग 71 हजार के पार
गैस संकट का असर लंबित बुकिंग पर भी साफ दिखाई दे रहा है.
08 मई को जिले में लंबित बुकिंग की संख्या 65,157 थी, जो 19 मई तक बढ़कर 71,885 पहुंच गई। यानी दस दिनों में करीब 7 हजार नई लंबित बुकिंग जुड़ गईं.
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि जिले में जहां पिछले 60 दिनों का औसत वितरण प्रतिदिन लगभग 12,624 सिलेंडर था, वहीं अब यह संख्या घटकर केवल 3,570 रह गई है। यानी सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है.
उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी
गैस की धीमी आपूर्ति के कारण कई इलाकों में होम डिलीवरी व्यवस्था लगभग ठप हो गई है. उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग कराने के कई दिन बाद भी सिलेंडर घर तक नहीं पहुंच रहा है.
वेंडरों द्वारा समय पर डिलीवरी नहीं किए जाने से लोग गैस एजेंसी और गोदाम पहुंचकर खुद सिलेंडर लेने को मजबूर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है.
प्रशासन का दावा — स्थिति पर नजर
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन लगातार गैस एजेंसियों की मॉनिटरिंग कर रहा है। सभी एजेंसियों को निर्धारित समय सीमा के अंदर उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचाने का निर्देश दिया गया है.
हालांकि जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं की परेशानी कम होती नहीं दिख रही है। लोग जल्द से जल्द सामान्य आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं.
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