Hajipur News (गोपाल कुमार): जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने 34 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में मंगलवार को एक ही परिवार के पांच लोगों को दोषी करार दिया. मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 2 जून की तिथि निर्धारित की गई है.
अपर लोक अभियोजक ख्वाजा हसन खान लड्डू ने बताया कि जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र के राघोपुर निवासी अदालत राय अपनी पत्नी रामसखी देवी के साथ 10 नवंबर 1992 की सुबह अपने दरवाजे पर बैठे थे. इसी दौरान दीप राय अपने परिवार के अन्य लोगों के साथ हरवे-हथियार से लैस होकर वहां पहुंचे और रास्ते पर शीशे के टुकड़े बिछाने लगे.
विरोध करने पर दंपति को मारी गोली
जब अदालत राय और उनकी पत्नी ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी . विरोध जारी रहने पर आरोपियों ने गोली मारकर पति-पत्नी को गंभीर रूप से घायल कर दिया.
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया . इस मामले में जुड़ावनपुर थाना में दीप राय, जगदीश राय उर्फ जीशा राय, नरेश राय, नागदेव राय, नकेश्वर राय समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.
1993 में दाखिल हुआ था आरोप पत्र
पुलिस ने 13 मार्च 1993 को मामले में आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया था, जबकि 31 मई 1993 को अदालत ने मामले में संज्ञान लिया . इसके बाद 17 जून 1999 को आरोप गठन किया गया.
सुनवाई के दौरान मामले के चार आरोपियों की मौत हो गई . अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक ख्वाजा हसन खान लड्डू ने 10 साक्षियों का परीक्षण और प्रतिपरीक्षण कराया.
पांच आरोपी दोषी करार
सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 85 वर्षीय दीप राय, जगदीश राय उर्फ जीशा राय, नरेश राय, नागदेव राय तथा नकेश्वर राय को दोषी करार दिया . अब अदालत 2 जून को सजा के बिंदु पर अपना फैसला सुनाएगी.
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