Hajipur News: 27 वर्षों बाद भी देसरी प्रखंड कार्यालय को नहीं मिला अपना भवन

Hajipur News: देसरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय को 27 वर्षो के बाद भी अपना भवन नसीब नहीं, व्यापार मंडल के भवन में संचालित हो रहा प्रखंड कार्यालय

Hajipur News: (मनोहर कुमार) वैशाली जिले के देसरी प्रखंड कार्यालय का स्थापना 3 दिसंबर 1999 को पुराने थाना के पास एक भाड़े के मकान से संचालित होना प्रारंभ हुआ था. जो 27 वर्ष बीतने के बाद भी दूसरे विभाग के भवन में संचालित हो रहा है. उस वक्त बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद थे. उसके बाद राबड़ी देवी एवं 20 वर्षों से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रहे है. उदघाटन के समय से तीन मुख्यमंत्री बने. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हर विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में देसरी चुनाव प्रचार में आते है. उसके बावजूद देसरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय का अपना भवन नहीं बन पाया.

27 वर्षो के बाद भी प्रखंड कार्यालय को अपना भवन नसीब नहीं

तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री अवध बिहारी चौधरी एवं पीएचडी मंत्री दिवंगत मुंशीलाल राय की अध्यक्षता में 3 दिसंबर 1999 को प्रखंड कार्यालय का उदघाटन हुआ था. जिसका संचालन एक भारे के मकान से शुरू हुआ. उदघाटन के कुछ वर्षों के बाद उसे देसरी रेलवे स्टेशन के समीप एक सामुदायिक भवन में स्थानांतरित कर चलाये जाने लगा. जहां से उसे जफराबाद स्थित व्यापार मंडल के उत्पादन सह भंडारण केंद्र में कई वर्षो से संचालित किया जा रहा हैं. कोई भी बैठक के लिए प्रखंड कार्यालय के पास सभागार कक्ष तक उपलब्ध नहीं है.

व्यापार मंडल के कार्यालय में चल रहा प्रखंड कार्यालय

सहकारिता विभाग के भवन में प्रखंड कार्यालय देसरी संचालित हो रही है. जिसमें एक कमरे में प्रखंड विकास पदाधिकारी बैठते हैं. वहीं दूसरे एक बड़ा कमरा हैं, जिसमे अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी किसी तरह से बैठ कर कार्य करते है. उसके बरामदे को लकड़ी से घेर कर किसी तरह से आरटीपीएस काउंटर का संचालन हो रहा है. बीस सूत्री का कई बार गठन हुआ पर आज तक उसका अपना कमरा नसीब नहीं हुआ. दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के द्वारा बनाए गए एक छोटे से सामुदायिक भवन में प्रखंड आपूर्ति कार्यालय, प्रखंड बाल विकास परियोजना कार्यालय एवं आधार सेंटर किसी तरह से चलाया जा रहा है.

किसान भवन में चल रहा कई विभाग के कार्यालय

किसानों एवं कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए बनाए गए किसान भवन में कई विभाग के कार्यालय चल रहा है. जिसमें प्रखंड प्रमुख, अंचल कार्यालय, प्रखंड प्रोग्राम पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी का कार्यालय संचालित हो रही है. बताया जा रहा है कि देसरी प्रखंड के प्रखंड सह अंचल कार्यालय के भवन निर्माण को लेकर भूमि उपलब्ध कराने को लेकर प्रस्तावित चिन्हित तीन एकड़ 23 डिसमिल जमीन के अधिग्रहण के लिए भूमि उपसमाहर्ता महनार को आठ वर्ष पहले प्रस्ताव भेजा गया था. जहां से भू- अर्जन विभाग को भेजा गया था. जिसपर सभी रैयतों को नोटिस दिया गया था. पर नोटिस दिए हुए भी अब कई वर्ष बीतने को है, पर रैयतों को अब तक किसी प्रकार का भुगतान नहीं हुआ है. कई वर्षों से प्रखंड सह अंचल कार्यालय की जमीन उपलब्ध कराने को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लटकी हुई है.

27 वर्षों से फाइलों में लटका भूमि अधिग्रहण की प्रकिया

जब प्रखंड सह अंचल कार्यालय के निर्माण के लिए 27 वर्षों के बाद भी भूमि उपलब्ध नहीं हुआ तो भूमि अधिग्रहण को लेकर स्थानीय युवक शिवशंकर कुमार ने लोक शिकायत में मामला उठाया.
इधर ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा सरकार की संयुक्त सचिव रवि कुमार ने ज्ञापांक 5336601 दिनांक 17 मार्च 2026 को समाहर्ता वैशाली को एक पत्र भेज कर कहा है कि आपका पत्रांक 08 दिनांक 16 जनवरी 2026 जिसमेंवैशाली जिला अंतर्गत देसरी प्रखंड-अंचल कार्यालय सह आवासीय भवन निर्माण हेतु भू-स्थानांतरण/अर्जुन के लिए सहमति संसुचित करने हेतु अनुरोध प्राप्त है. प्राप्त प्रस्ताव पर निर्णय हेतु निम्न बिंदुओं पर स्पष्ट प्रतिवेदन की आवश्यकता है. जिसमें कहा है कि चयनित भूमि के भू अर्जन पर कुल अनुमानित व्यय, वर्तमान प्रखंड सह अंचल कार्यालय से दूरी, स्पष्ट नजरी नक्शा, चिह्नित भूमि के भू अर्जन पर मुख्यालय परिवर्तन का मामला उत्पन्न हो रहा है अथवा नहीं यदि मुख्यालय परिवर्तन का मामला उत्पन्न हो रहा है तो विभाग के द्वारा अनुमोदित अद्यतन प्रपत्र प्रमंडलीय आयुक्त की अनुशंसा के साथ स्पष्ट प्रतिवेदन साक्ष्यों अभिलेखों के साथ विभाग उपलब्ध कराने को कहा है ताकि विभाग स्तर से निर्णय लिया जा सके.

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Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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