Hajipur News: (कैफ अहमद) गंगा दशहरा के अवसर पर कौनहारा घाट पर बुधवार को श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी, जहां लोगों ने गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना की. श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना की प्रार्थना की. घाट पर सुबह से ही पूजा-पाठ, दीप-धूप और धार्मिक अनुष्ठानों का माहौल बना रहा. महिलाओं, बुजुर्गों एवं युवाओं ने श्रद्धा के साथ गंगा जल अर्पित कर मां गंगा की आराधना की.
गंगा अवतरण से जुड़ी है धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार गंगा दशहरा वह पर्व है, जिस दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था. ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व विशेष रूप से पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और पूजा-अर्चना करने से पापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है. इस अवसर पर श्रद्धालु गंगा में स्नान कर दान-पुण्य भी करते हैं.
कम भीड़ से दुकानदारों की बढ़ी चिंता
हालांकि इस बार गंगा स्नान का प्रभाव दो दिनों तक रहने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ अपेक्षाकृत कम रही. इसका असर स्थानीय दुकानदारों पर भी पड़ा. कौनहारा घाट के आसपास पूजन सामग्री बेचने वाले दुकानदारों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही, जिससे पूजा सामग्री, फूल-माला, अगरबत्ती, प्रसाद एवं अन्य सामान की खरीदारी भी कम हुई.
उम्मीद के मुताबिक नहीं हुआ कारोबार
दुकानदारों ने कहा कि भीड़ कम होने से बिक्री प्रभावित हुई है और उम्मीद के मुताबिक कारोबार नहीं हो सका. बावजूद इसके श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी.
