Hajipur News (राहुल कुमार राय) : हाजीपुर शहर के हथसारगंज स्थित एक निजी सभागार में डॉल्फिन संकरण के प्रति स्थानीय लोगों के बीच जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मौके पर डीपीएम मुनेश कुमार ने बताया कि हमलोग भाग्यशाली है कि हाजीपुर क्षेत्र में राष्ट्रीय जलीय जीव डॉल्फिन की उपलब्धता है और पर्यटक इसके दर्शनीय लाभ लेते है. इससे हमलोगों का डॉल्फिन सरंक्षण के प्रति दायित्व और भी बढ़ जाता है तथा इसके लिए हमें संकल्पबद्ध होने की आवश्यकता है.
गंगा में बढ़ते प्रदूषण से घट रही डॉल्फिन की संख्या, विशेषज्ञों ने जताई चिंता
वही एसएनएस कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ सत्येन्द्र कुमार ने स्थानीय मछुआरों एवं ग्रामीणों को बताया कि डॉल्फिन का इतिहास बहुत पुराना है. यह प्राय गंगा नदी एवं इसकी सहायक नदियों में पाया जाता है, परंतु आज के परिप्रेक्ष्य में इसकी जनसंख्या में कमी देखी जा रही है. जिसका मुख्य कारण गंगा नदी में बढ़ता प्रदूषण, नायलॉन के जालों का उपयोग, इसका अवैध शिकार सहित अन्य है. सरकार के द्वारा अवैध शिकार की रोकथाम हेतु कठोर नियम बनाए है, जिसमें 3 से 7 वर्षों की जेल एवं जुर्माना का प्रावधान किया गया है. वर्तमान समय में बहुत से लोगों द्वारा डॉल्फिन के साथ छेडखानी, खेलते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जाता है, जो अपराध की श्रेणी में आता है.
डॉल्फिन बचाने को लेकर जागरूकता अभियान तेज
हाल के दिनों में नदियों के जल स्तर में उतार-चढ़ाव, बढ़ती मानवीय गतिविधियों एवं अवैध जालों के कारण डॉल्फिन के प्राकृतिक आवास पर खतरा बढ़ा है. इस संकट प्राय प्रजाति की सुरक्षा व संरक्षण हेतु सभी की भागीदारी आवश्यक है. सभी मछुआरों भाई मछली पकड़ने के दौरान डॉल्फिन को नुकसान ना होने दें. यदि गलती से भी डाल्फिन जाल में फंस जाती है, तो घबराए नहीं, जाल काटकर उसे पुनः नदी में छोड़ दें. साथ ही यह भी अपील की कि मनोरंजन के दृष्टिकोण से वीडियो न बनाए और ना ही सोशल मीडिया पर इसे अपलोड करें. मौके पर वन प्रमंडल पदाधिकारी अमित कुमार, विभागाध्यक्ष प्रो0 सत्येन्द्र कुमार, डीपीएम नमामि गंगे मुनेश कुमार, वन क्षेत्र के पदाधिकारी रंजीत कुमार राय सहित अन्य कर्मी मौजूद थे.
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