हाजीपुर में गंडक-गंगा का बढ़ा जलस्तर, कौनहारा घाट डूबा, तेरसिया में हजारों बेघर

Hajipur Flood: हाजीपुर में गंडक और गंगा नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि से बाढ़ का संकट गहरा गया है. कई इलाकों में पानी घुसने से हजारों लोग बेघर हो गए हैं और लोग 2016 की बाढ़ की यादों से सहमे हुए हैं. प्रशासन राहत कार्य में जुटा है.

Hajipur Flood: गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण हाजीपुर में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है. मोक्ष धाम कौनहारा घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुका है. कौनहारा घाट से रामचौरा मंदिर जाने वाली सड़क पर भी बाढ़ का पानी चढ़ गया है. लगातार बढ़ते पानी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है और वर्ष 2016 में आयी भीषण बाढ़ की त्रासदी की यादें ताजा कर दी हैं.

उधर, गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से तेरसिया के दियारा क्षेत्र में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गयी है. बाढ़ के कारण हजारों लोग बेघर हो चुके हैं. प्रभावित लोगों के ठहरने के लिए प्रशासन की ओर से गंगाब्रिज थाना के पास ऊंचे स्थान पर आश्रय स्थल बनाया गया है, जहां बाढ़ पीड़ित किसी तरह शरण लिये हुए हैं.

तेरसिया दियारा में हजारों लोग प्रभावित

गंगा के बढ़ते जलस्तर के बाद तेरसिया के दियारा क्षेत्र में बाढ़ का पानी फैल गया है. बड़ी संख्या में परिवारों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है. प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों के लिए सामुदायिक किचन की व्यवस्था की गयी है, जहां लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.

हालांकि, बाढ़ प्रभावित इलाकों में नाव और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है. पानी से घिरे इलाकों में आवागमन प्रभावित होने से रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है.

गंडक खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर

विभागीय रिपोर्ट के अनुसार शनिवार की शाम छह बजे हाजीपुर में गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया. वहीं, लालगंज में गंडक नदी खतरे के निशान से 1.07 मीटर ऊपर बह रही थी.

जल संसाधन विभाग के अनुसार गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है. नदी का पानी बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है.

गंगा नदी खतरे के निशान से 1.97 मीटर ऊपर

गंगा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है. शनिवार की शाम छह बजे गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.97 मीटर ऊपर रिकॉर्ड किया गया. जल संसाधन विभाग के अनुसार गंगा और गंडक दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि जारी है.

नदियों के बढ़ते जलस्तर का सबसे अधिक असर दियारा और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है. प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

कौनहारा बाइपास और डीआरसीसी जाने वाली सड़क पर पानी

गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर का असर शहर की सड़कों पर भी दिखाई देने लगा है. कौनहारा बाइपास रोड पर बाढ़ का पानी पहुंच गया है. वहीं, डीआरसीसी जाने वाली सड़क पर भी पानी जमा हो गया है. इससे लोगों के आवागमन में परेशानी बढ़ गयी है.

सड़कों पर पानी फैलने के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है. निचले इलाकों में पानी बढ़ने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चिंता सताने लगी है.

एनएच किनारे आशियाना बनाने को मजबूर बाढ़ पीड़ित

बाढ़ प्रभावित परिवार सुरक्षित स्थानों की तलाश में एनएच के किनारे पहुंच रहे हैं. कई परिवारों ने सड़क किनारे ही अस्थायी ठिकाना बना लिया है. घर और आसपास पानी भर जाने के कारण लोगों के सामने रहने और जरूरी सामान की व्यवस्था करने की चुनौती खड़ी हो गयी है.

प्रशासन की ओर से बनाए गये आश्रय स्थल और सामुदायिक किचन के माध्यम से प्रभावित लोगों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है. इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाव और अन्य जरूरी सुविधाओं की जरूरत बनी हुई है.

2016 की बाढ़ की याद हुई ताजा

कौनहारा घाट और आसपास की सड़कों पर बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों को वर्ष 2016 की भीषण बाढ़ की याद आने लगी है. उस समय भी हाजीपुर में बाढ़ का व्यापक असर देखने को मिला था. इस बार नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से लोगों की चिंता फिर बढ़ गयी है.

गंगा और गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन के सामने प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने की चुनौती बढ़ गयी है. आने वाले समय में नदी के जलस्तर में होने वाला बदलाव स्थिति को प्रभावित करेगा.

राहत और बचाव व्यवस्था पर टिकी नजर

बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को भोजन, नाव, सुरक्षित आवागमन और अन्य जरूरी सुविधाओं की जरूरत है. तेरसिया दियारा क्षेत्र में बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित होने के कारण राहत व्यवस्था पर लोगों की नजर बनी हुई है.

फिलहाल गंगा और गंडक दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है. ऐसे में दियारा और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बना हुआ है. प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखते हुए राहत व्यवस्था की जा रही है.

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By गोपाल कुमार राय

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