hajipur news. वित्तानुदानित शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों ने निकाला आक्रोश मार्च

मार्च में पटना में होने वाले आंदोलन में जिला से अधिक से अधिक संख्या में कर्मियों की सहभागिता पर सहमति बनी, इसके लिए जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया

हाजीपुर. वित्तरहित शिक्षा नीति के विरोध में जिले के वित्तानुदानित शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मियों ने सोमवार को गांधी आश्रम से स्टेशन चौक स्थित भारत माता मंदिर तक आक्रोश मार्च किया. दिवंगत शिक्षक (शैक्षणिक शहीद) साथियों के सम्मान में कैंडल जला कर श्रद्धजलि अर्पित की. जिला के वित्तानुदानित शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मियों का आक्रोश मार्च गांधी आश्रम से निकलकर अनवरपुर चौक होते हुए भारत माता मंदिर पहुंचा और शैक्षिक शहीदों के सम्मान में कैंडल जलाया. कार्यक्रम का नेतृत्व अनुदान नहीं वेतनमान फोरम के जिला संयोजक प्रो रमेश कुमार कुमार ने किया. इसके पहले गांधी आश्रम परिसर में वित्तानुदानित शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मियों ने फोरम के प्रांतीय संयोजक प्रो रौशन कुमार की अध्यक्षता में बैठक की और फोरम द्वारा पटना की धरती पर होने जा रहे वृहत आंदोलन को सफल बनाने हेतु आंदोलन के स्वरूप पर परिचर्चा की गई.

इस दौरान पटना में होने वाले आंदोलन में जिला से अधिक से अधिक संख्या बल में कर्मियों के सहभागिता पर सहमति बनी. इसके लिए जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. जनसंपर्क अभियान के लिए टीम का गठन किया गया. जिला संयोजक प्रो रमेश कुमार ने बताया कि वैशाली जिला के लगभग 50 से अधिक दिवंगत वित्तरहित कर्मियों का निधन सेवाकाल के दौरान राज्य सरकार द्वारा घोषित अनुदान समय से नहीं मिलने के कारण उत्पन्न घोर आर्थिक-तंगी, मानसिक-तनाव, हृदयाघात, व समुचित इलाज के अभाव की वजहों से हो गया. आक्रोश मार्च दौरान शिक्षा समिति के अनुशंसा लागू करो… वित्तरहित कर्मियों को ठगना बंद करो… वित्तरहित शैक्षणिक शहीद अमर रहे… इन नारों के साथ वित्तरहित कर्मी मार्च करते हुए गांधी आश्रम से चलकर अनवरपुर चौक होते हुए स्टेशन चौक भारत माता मंदिर पहुंचे. आक्रोश मार्च भारत माता मंदिर पहुंचकर श्रद्धांजलि सभा में तब्दील हो गयी. कैंडल जलाकर सम्मान व्यक्त करते हुए लोगों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए.

सौतेला व्यवहार कर रही है राज्य सरकार

ए एन वी फोरम के आह्वान पर जिला के वित्तरहित कर्मियों ने राज्य सरकार की उदासीनता एवं उपेक्षापूर्ण सौतेला व्यवहार से तंग आकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोल का आगाज किया है. प्रांतीय संयोजक प्रो रौशन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार समान प्रबंधकीय व्यवस्था से संचालित मदरसा अल्पसंख्यक संस्थाओं के कर्मियों को वेतन सहित सभी सरकारी सुविधाएं प्रदान कर रही है, वही प्रदेश की उच्च शिक्षा मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले तथा राज्य के सकल नामांकन अनुपात में 60% से अधिक योगदान देने वाले अनुदानित संस्थाओं और उसके कर्मियों के साथ उपेक्षापूर्ण सौतेला व्यवहार कर रही है. सरकार वित्तरहित शिक्षक एवं कर्मियों के लिए नियमित मासिक वेतन की घोषणा शीघ्र करें, अन्यथा पूरे प्रदेश मे सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने ने कहा की अब समय आ गया है कि हम लोग करो या मरो के साथ आगे बढ़े और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदेश स्तर पर अभूतपूर्व हल्ला बोल आंदोलन का आगाज करें.

कार्यक्रम में प्रो विजय कुमार प्रसाद, प्रो विनोद कुमार राय, प्रो ललन प्रसाद सिंह, श्री रंजीत कुमार, प्रो अमरेश कुमार, प्रो उमेश कुमार, प्रो दिनेश कुमार, शर्मा, प्रो प्रमोद कुमार, प्रो बिनोद कुमार, प्रो हसन रज़ा प्रो मो जियाउद्दीन अहमद, प्रो जितेंद्र कुमार, श्री अमरेश कुमार, प्रो भरत प्रसाद सिंह, श्री प्रशांत कुमार, डॉ अनिल कुमार सिंह, प्रो सुरेश कुमार गुप्ता इत्यादि उपस्थित थे.

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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