Flood in Hajipur : हाजीपुर में गंगा और गंडक नदियों का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है. पिछले 12 घंटे में दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है. गंडक नदी लालगंज में खतरे के निशान से महज 0.04 मीटर नीचे बह रही है, जबकि पटना के गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 0.66 मीटर ऊपर है. नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है.
लालगंज में खतरे के निशान के करीब पहुंची गंडक
बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल लालगंज के आंकड़ों के अनुसार पिछले 12 घंटे में लालगंज में गंडक नदी का जलस्तर 7.5 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा है. शुक्रवार की शाम छह बजे तक गंडक खतरे के निशान से महज 0.04 मीटर नीचे बह रही थी. हाजीपुर में भी गंडक के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई. यहां पिछले 12 घंटे में जलस्तर 10.83 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा और नदी खतरे के निशान से 1.02 मीटर नीचे रही.
गांधी घाट पर खतरे के निशान से 0.66 मीटर ऊपर गंगा
गंगा नदी का जलस्तर पटना के गांधी घाट पर मापा जाता है. विभाग के अनुसार शुक्रवार की सुबह छह बजे यहां गंगा का जलस्तर 49.17 मीटर दर्ज किया गया, जो बढ़कर 49.26 मीटर पहुंच गया. गंगा के खतरे का निशान 48.60 मीटर है. इस तरह नदी खतरे के निशान से 0.66 मीटर ऊपर बह रही है. पिछले 12 घंटे में गंगा के जलस्तर में भी 7.5 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की गई.
बराज से बढ़ा पानी का डिस्चार्ज
वाल्मीकिनगर बराज से शुक्रवार की शाम एक लाख 19 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया. गुरुवार को बराज से एक लाख 11 हजार 500 क्यूसेक और बुधवार को एक लाख नौ हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. लगातार बढ़ते डिस्चार्ज के कारण गंडक के जलस्तर पर असर पड़ रहा है.
प्रशासन ने सभी विभागों को किया अलर्ट
गंगा और गंडक के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को पूर्ण सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है. अधिकारियों को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है. प्रशासन नदियों के जलस्तर और तटीय इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
