Hajipur News : गंगा नदी के जलस्तर में पिछले कई दिनों से कमी आने के बावजूद राघोपुर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. रुस्तमपुर से वीरपुर तक प्रखंड की मुख्य सड़क समेत अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर अब भी बाढ़ का पानी जमा है. प्रखंड की 20 पंचायतों के 76 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और बड़ी आबादी प्रभावित है. घरों में पानी घुसने से अनाज और पशु चारे का संकट बना हुआ है. वहीं, पिछले छह दिनों से बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है.
छह दिनों से बिजली ठप, मोबाइल चार्ज करना भी बना संकट
राघोपुर प्रखंड में बिजली आपूर्ति बंद रहने से लोगों को रात में अंधेरे और गर्मी के बीच रहना पड़ रहा है. बिजली नहीं रहने के कारण कई कंपनियों के मोबाइल टावर भी प्रभावित हुए हैं, जिससे लोगों को संपर्क करने में परेशानी हो रही है. कई गांवों में लोग जनरेटर के सहारे मोबाइल चार्ज कर रहे हैं. ग्रामीणों ने कुछ घंटे बिजली आपूर्ति बहाल करने और प्रत्येक पंचायत में मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट उपलब्ध कराने की मांग की है.
दिन में गर्मी, रात में मच्छर और सांप-बिच्छू का डर
बाढ़ का पानी घरों और आसपास जमा होने के कारण दिन में भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं. छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. रात में बिजली नहीं रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. बाढ़ के पानी के कारण सांप, बिच्छू और अन्य कीड़े-मकोड़ों का डर भी बना हुआ है. ऐसे में कई परिवार रात में जागकर रहने को मजबूर हैं.
20 पंचायतों में चल रही सामुदायिक रसोई
सीओ राजीव रंजन चौधरी ने बताया कि तेरसिया, सरायपुर, रुस्तमपुर, राघोपुर पश्चिमी, पहाड़पुर पश्चिमी, जुड़ावनपुर बरारी, करारी समेत प्रखंड की सभी 20 पंचायतों में सामुदायिक रसोई चलायी जा रही है. यहां सुबह-शाम बाढ़ पीड़ितों को भोजन और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने पंचायत के नजदीकी सामुदायिक रसोई केंद्र पर पहुंचकर सुबह-शाम भोजन करें.
नाव और राहत सामग्री को लेकर ग्रामीणों ने उठाये सवाल
बाढ़ प्रभावित लोगों का आरोप है कि कई इलाकों में पर्याप्त संख्या में नाव उपलब्ध नहीं करायी गयी हैं. कुछ लोगों ने अंचलाधिकारी और बीडीओ से संपर्क नहीं होने की भी शिकायत की है. ग्रामीणों का कहना है कि राघोपुर प्रखंड कार्यालय से कामकाज प्रभावित होने के कारण कच्ची दरगाह से संचालन किया जा रहा है.
पॉलीथिन शीट वितरण में पारदर्शिता की मांग
बाढ़ पीड़ितों के लिए उपलब्ध करायी गयी पॉलीथिन शीट के वितरण को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाये हैं. उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वितरण होने पर पक्षपात की आशंका रहती है. ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रत्येक पंचायत में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में पॉलीथिन शीट और अन्य राहत सामग्री का वितरण कराया जाये, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत न हो.
कच्ची दरगाह में वितरण के दौरान हुई थी मारपीट
ग्रामीणों ने बताया कि बीते दिनों कच्ची दरगाह में पॉलीथिन शीट वितरण के दौरान मारपीट की घटना भी हुई थी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था. इसके बाद ग्रामीण राहत सामग्री के वितरण में प्रशासनिक निगरानी की मांग कर रहे हैं.
बाढ़ प्रभावितों के लिए सामुदायिक रसोई बनी सहारा
सामुदायिक रसोई में बाढ़ प्रभावित परिवारों को नियमित भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गयी है कि वे राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की सुविधाओं का लाभ उठाएं. जलस्तर में कमी के बावजूद सड़क और घरों के आसपास पानी जमा रहने से लोगों की परेशानी अभी बनी हुई है.
बिजली बहाली की मांग, राहत कार्यों पर टिकी लोगों की उम्मीद
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के बीच बिजली आपूर्ति बहाल होने से मोबाइल चार्जिंग, संचार और रात में सुरक्षा जैसी कई समस्याएं कम हो सकती हैं. लोगों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से कम से कम कुछ घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है. साथ ही बाढ़ प्रभावित पंचायतों में राहत सामग्री के निष्पक्ष वितरण और पर्याप्त नाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी अपील की है.
